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कर्नाटक का चुनाव ऐसे दौर में पहुंच गया है जहां पर हर राजनीतिक दल अपने जीत के लिए एड़ी-चोटी का प्रयास कर रही है।

जहां कांग्रेस अपने अंतिम कुछ प्रदेश सरकार में से एक मजबूत प्रदेश सरकार को बचाने के लिए मेहनत कर रही है तो वहीं भाजपा अपने नारा कांग्रेस मुक्त भारत को साकार करने के लिए प्रयास में है।

कांग्रेस की तरफ से जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया मल्लिकार्जुन खड़गे प्रदेश अध्यक्ष जी परमेश्वर राम जी के शिवकुमार कांग्रेस के स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया राज बब्बर सहित कई दिग्गज नेता मैदान में हैं तो वहीं भाजपा के तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह येदुरप्पा रेडी ब्रदर्स सहित कई केंद्रीय मंत्री और अन्य प्रदेश सरकारों के मुख्यमंत्री जैसे योगी आदित्यनाथ आदि शामिल हैं।

यह चुनाव जैसे लग रहा है कि 2019 का दिशा तय करेगा उसी अंदाज में चुनाव लड़ा जा रहा है वैसे पिछले कुछ समय से देखा भी जा रहा है कि पिछले कई चुनाव से हर चुनाव को दोनों दल एकदम एड़ी चोटी का जोर लगा कर लड़ रही है।

बिहार दिल्ली और पंजाब के बाद शायद यह पहला ऐसा राज्य होगा जहां भाजपा पहले से उपस्थिति दर्ज कराने के बावजूद कांग्रेस से हार का खतरा को भाप रही है क्योंकि जिस तरह से सिद्धरमैया ने अपने 5 सालों का काम जनता के सामने रखा है और भाजपा नेताओं का जवाब आक्रमकता के साथ दिया है कहीं ना कहीं भाजपा को भी इससे हार का खतरा दिख रहा है।

नरेंद्र मोदी के हर जुमलों का जवाब जिस तरह सिद्धरमैया खुद सामने आकर दे रहे हैं उससे कहीं ना कहीं सिद्धरमैया अपना कर्नाटक का रिकॉर्ड सुधारना चाहते हैं जहां पर आज तक 40 सालों से कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल दोहरा नहीं पाया है सिद्धारमैया जिस जोश के साथ और जिस आक्रमकता के साथ आगे बढ़ रहे हैं उससे तो यही लगता है कि कर्नाटक का पिछले 40 सालों का रिकॉर्ड टूटेगा और सिद्धारमैया ऐसे मुख्यमंत्री बनेंगे 40 साल के बाद लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। जिस तरह से उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर आक्रमण किया है और उन्हें वापस यूपी जाने के लिये मजबूर दिया है वो उनकी राजनीतिक कौशल को बताता है। वही अमित शाह सिद्धारमैया के सवालों का जवाब देने में भी लाचार और बेबस नजर आ रहे हैं। नरेंद्र मोदी का सिद्धारमैया के पास पहले से ही जवाब तैयार है उससे तो यही लग रहा है कि मानो भाजपा मैया के जाल में पूरी तरह से फंस चुकी है और इन सबके बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का कर्नाटक का 8 चरणों में आशीर्वाद यात्रा कहीं ना कहीं कांग्रेस को काफी फायदा दिला रहा है उन्होंने जिस तरह से क्षेत्र की जनता से खुद जाकर मिला है और किसानों और युवाओं को जिस ने विश्वास दिलाया है कि सरकार जो भारत में रोजगार देने के मामले में एक नंबर पर है वह अगले 5 सालों में और भी अधिक रोजगार आएगी तू ही उन्होंने किसानों से वादा किया है किसानों के लिए एक नया प्लान तैयार होगा जिससे पहले से किसानों को जो कांग्रेस की सरकार ने फायदा दिया है उसे और अधिक फायदा देखकर प्रदेश के किसानों को और मजबूत बनाया जाएगा महिला की सुरक्षा पर पहले से काम कर रहे कर्नाटक सरकार की नई मेनिफेस्टो में भी महिला सुरक्षा को लेकर काफी सतर्कता देखी गई है और उन्होंने लगभग योजना में महिलाओं को आगे किया है टिकट बंटवारे में भी जहां भाजपा ने महिलाओं को नजर अंदाज किया है वहीं कांग्रेस ने टिकट में भी महिलाओं को तरजीह अगर हम देखें तो कांग्रेस ने हर क्षेत्र में हर जाति के अनुसार अपने नेताओं को तैयार किया है वह कहीं ना कहीं कर्नाटक में कांग्रेस की मजबूती का एक रुप है भाजपा ने जिस तरह से दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है इसका खुलासा राहुल गांधी ने अपने ट्वीट के जरिए किया उसके बाद भाजपा काफी बैकफुट पर नजर आ रही है पहले ही यदुरप्पा जैसे भ्रष्ट नेता को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने से राज्य भर में फजीहत झेल रही भाजपा रेडी ब्रदर्स जैसे प्रदेश के सबसे भ्रष्ट और गुंडा तत्व को टिकट देकर भाजपा ने अपने लिए गड्ढा खोद दिया है और जिससे यदुरप्पा ने सारा इल्जाम अमित शाह पर लगा दिया है इससे यह साफ है कि यदुरप्पा भी कहीं ना कहीं इन भ्रष्टाचारियों और गुंडाराज जो उन्होंने 2008 से 2013 में फैलाई थी उससे कहीं ना कहीं वह डरे हुए हैं। भाजपा द्वारा जारी घोषणा पत्र में जिस तरह से कांग्रेस के घोषणा पत्रों का ही कॉपी किया गया है उससे भाजपा ने कांग्रेस द्वारा जारी किए गए घोषणा पत्र को एकदम सही ठहराया है उस पर भी राहुल गांधी ने भाजपा के घोषणापत्र का मजाक बनाते हुए इसे बकवास करार दिया और कहा इसमें ऐसे घोषणा किए गए हैं जो भाजपा ने केंद्र में भी किया था मगर उसे अब तक पूरा नहीं कर पाया है 12 मई को जब कर्नाटक की जनता मतदान करेगी तो वह कहीं ना कहीं इन बातों को जरूर ध्यान रखेगी कि कैसे 2008 से 13 के बीच प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हुई थी और एक के बाद एक भाजपा का भ्रष्ट नेता जेल गया था और बार बार मुख्यमंत्री को बदलना पड़ा था वही 2013 से 2018 के बीच कैसे सिद्धरमैया ने प्रदेश को एक मजबूत सरकार दिया और मजबूत नेतृत्व में प्रदेश भर का विकास किया युवाओं को रोजगार दी महिलाओं को सुरक्षा दिया और शिक्षा की सबसे अच्छा व्यवस्था प्रदान किया वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिस तरह से प्रदेश की जनता को पुरानी बातों को भी याद दिलाया और बताया कि कैसे नरेंद्र मोदी झूठा आरोप लगाकर कहीं ना कहीं नाटक के गौरव को धूमिल करने के लिए और कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने के लिए झूठ बोल रहे हैं

✍ शिल्पी सिंह

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