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कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. लेकिन विवाद अभी थमा नहीं है। कर्नाटक में बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देने के बाद उपजे विवाद पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कर्नाटक में शनिवार यानी कल ही फ्लोर टेस्ट कराया जाएगा। यानी अब तय हो गया कि कर्नाटक में बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए अब 14 दिनों का समय नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट की 3 सदस्यीय बेंच के सामने बीजेपी और कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में दलीलें रखी गईं। सबसे पहले बीजेपी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को वह लेटर उपलब्ध कराया गया जिसे येदियुरप्पा की तरफ से राज्यपाल को भेजा गया था। कर्नाटक में जारी सियासी संग्राम के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार शाम 4 बजे शक्ति परीक्षण का आदेश दिया। सर्वोच्च अदालत में तीन जजों की पीठ ने 24 घंटे के अंदर बहुमत परीक्षण और शपथ ग्रहण की समीक्षा कराने के 2 सुझाव दिए थे। पीठ ने कहा कि सरकार बनाने के लिए राज्यपाल को किस पार्टी को बुलाना चाहिए था, इसका फैसला बाद में किया जाएगा। कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर द्वारा विश्वास मत परीक्षण के आदेश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि 24 घंटे के अंदर बहुमत परीक्षण ही इस वक्त सर्वोत्तम विकल्प नजर आ रहा है। कोर्ट ने कर्नाटक के डीजीपी को शक्ति परीक्षण के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराए जाने का भी निर्देश दिया। कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने फ्लोर टेस्ट की विडियोग्राफी करवाने की भी मांग की। पीठ ने इसका फैसला लेने का अधिकार राज्यपाल के विवेक पर छोड़ा। यह सुनवाई कांग्रेस-जेडीएस की याचिका पर हुई, जिसमें दोनों पार्टियों ने राज्यपाल वजुभाई वाला के फैसले को चुनौती दी थी। दोनों पार्टियों का इसमें कहना था कि राज्यपाल ने 104 सीटें होने के बाद भी बीजेपी को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण भेजा, जबकि सरकार में बहुमत के लिए 112 सीटें चाहिए थीं। कर्नाटक के सियासी नाटक को लेकर आज (18 मई) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्यपाल वजुभाई का फैसला पलटते हुए कहा कि शनिवार (19 मई) को शाम चार बजे शक्ति परीक्षण कराया जाएगा। फ्लोर टेस्ट में जो भी दल बहुमत साबित करने में सफल रहेगा, सरकार उसी की बनेगी। सुनवाई के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से मुकुल रोहातगी वकील थे, जबकि कांग्रेस का पक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने रखा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बेहतर ये होगा कि शनिवार को फ्लोर टेस्ट हो ताकि किसी को कोई वक्त ना मिले बजाए इसके कि राज्यपाल के येदियुरप्पा को आमंत्रित करने के फैसले की वैधता पर सुनवाई हो. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साबित हो गया कि येदियुरप्पा के पास विधायकों की पर्याप्त संख्या नहीं है। यह बात कोर्ट के फैसले के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने कही। उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा की तरफ से राज्यपाल को दिए गए जो पत्र सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए उसमें लगता है कि सरकार बनाने के लिए जरूरी विधायकों का सर्मथन नहीं था। इसीलिए हमें भरोसा है कि हम 100 फीसदी इस परीक्षण को जीतेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा में एक एंग्लो-भारतीय विधायक को नामित करने के राज्यपाल के फैसले पर रोक लगा दी है। कांग्रेस ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी।

✍ शिल्पी सिंह

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