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अब ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री का दो ही काम है एक चुनाव के लिए प्रचार करना और दूसरा विदेश यात्रा करना विदेश से आओ चुनाव का प्रचार करो चुनाव प्रचार खत्म करो विदेश जाओ बस यही दो काम नरेंद्र मोदी को आता है इसके अलावा उन्हें देश के किसी भी समस्याओं को लेकर कोई भी काम करने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं है।

नरेंद्र मोदी ऐसे PM बन गए हैं जिनके बारे में देश ही नहीं बल्कि विश्व भर में यह कहा जाने लगा है कि यह PM सिर्फ विदेश यात्रा और भाजपा का चुनाव प्रचार के लिए ही है। कई लोग तो अब PM का मतलब प्रधानमंत्री के जगह प्रचार मंत्री कहते हैं। आखिर कोई PM इस तरह देश को अनेकों समस्याओं में छोड़कर विदेश यात्रा और प्रचार के लिए कैसे जा सकता है कई लोग इस पर टिप्पणी करते हैं कई जानकार लोग इसको लेकर सवाल उठाते हैं लेकिन भाजपा के द्वारा बनाई गई एक ट्रोल आर्मी जो सोशल मीडिया पर उन लोगों चरित्र हनन करती है उन लोगों को गाली गलौज देती है जो मोदी और मोदी सरकार के कामों पर सवाल उठाते हैं वो उनको गाली देकर, धमकी देकर या सरकारी संस्थानों से दबाब दिलवाकर चुप करवा देते हैं।

कर्नाटक चुनाव से पहले ही नरेंद्र मोदी 5 देशों की यात्रा से वापस आए थे वह यात्रा में उस समय थे जब देश महिला सुरक्षा को लेकर चिंतित था उत्तर प्रदेश से लेकर कश्मीर गुजरात से लेकर आसाम और बिहार से लेकर मध्य प्रदेश तक में हर तरफ छोटी-छोटी बच्चों के साथ बलात्कार की घटनाओं को लेकर पूरा देश चिंतित था और उस को लेकर प्रदर्शन कर रहा था तब हमारे प्रधानमंत्री विदेशों में भाषण दे रहे थे और वह लच्छेदार भाषण से लोगों को 2019 में वोट करने के लिए कह रहे थे देश के महापुरुषों को आपस में लड़ा रहे थे झूठा इतिहास बता रहे थे नेहरू को कोस रहे थे कांग्रेस के 70 सालों पर सवाल उठा रहे थे लेकिन वह एक बार भी महिला सुरक्षा को लेकर चिंतित देश के सवालों का जवाब देना मुनासिब नहीं समझ रहे थे और फिर कर्नाटक चुनाव में जिस तरह से उन्होंने बाकी कामों को छोड़ अपना पूरा समय प्रचार में दिया वह भाजपा का प्रचार मंत्री ही कर सकता है भारत का प्रधानमंत्री नहीं और और इस दौरान जिस तरह से उन्होंने शब्दों का उपयोग किया वह कहीं ना कहीं भारतीय प्रधानमंत्री पद के लिए शोभा नहीं देता है देश के पूर्व स्वर्गीय प्रधानमंत्री की पत्नी देश की सबसे पुरानी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और विपक्ष की सबसे बड़ी नेता पर बार-बार टिप्पणी करना देश के प्रमुख विपक्षी दल के अध्यक्ष प्रदेश के विपक्ष के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी पर बेवजह और बेतुका बयान बाजी करना और नेहरू जी को लेकर झूठ बोलना जिससे नेहरु जी का कोई संबंध नहीं रहा हो ऐसी बातों को करना देश के पूर्व सेना अध्यक्ष और सेना से जुड़े लोगों को लेकर झूठ बोलना और देश के सबसे बड़े वीर भगत सिंह को लेकर झूठ कह के लोगों को भड़काना ऐसा काम करना पीएम पद के व्यक्ति को शोभा नहीं देता है मगर शायद भूल गए हैं कि वह RSS के प्रचार मंत्री नहीं प्रधानमंत्री हैं।

अब कर्नाटक चुनाव प्रचार खत्म हो गया है 12 मई को वोटिंग होगी और 10 मई के रात के बाद प्रचार प्रसार के लिए अनुमति नहीं मिल सकती थी इसलिए उन्होंने अपना रास्ता कर्नाटक से सीधे एक नए देश की तरफ से अर्थात नेपाल की तरफ बढ़ा लिया है दिल्ली में देश के कामों का जायजा लेने के जगह वो विदेश निकल गए। लगातार रुपया का अवमूल्यन होना,पेट्रोलियम पदार्थ के महंगाई से देश का परेशान होना, युवाओं को रोजगार नहीं मिलना शिक्षा व्यवस्था में तरह तरह के घोटालों का सामने आना के बावजूद भी मंत्रालय से जुड़ी रिपोर्टों को देखने के बजाए नरेंद्र मोदी प्रचार के तुरंत बाद एक नए देश के भ्रमण के लिए निकल जाते हैं और सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्हें कर्नाटक चुनाव में नेपाल में प्रचार करने से फायदा हो सकता है और नेपाल से जुड़े हुए लोग कर्नाटक में अधिक रहते हैं और हर बार चुनाव में कोई न कोई कनेक्शन निकलता है भारत के पड़ोसी देश नेपाल गए हैं।

अब नेपाल में जुमलेबाजी कर जब Pm लौटेंगे तब या तो नई देश की यात्रा का प्लान बनायेंगे या फिर चुनाव अभियान में लग जायेंगे।

✍ शिल्पी सिंह

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