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26 मई को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपनी चौथी सालगिरह मनाने जा रही है। इन 4 सालों के दौरान बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे पीएम मोदी की लोकप्रियता में तेजी से गिरावट आयी है। ये गिरावट विशेषकर पिछले एक साल के दौरान देखने को मिली है।

एबीपी न्यूज के लिए सीएसडीएस द्वारा किये गये ताजा सर्वे में पीएम मोदी की लोकप्रियता में तेजी से ढलान देखने को मिल रही है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी के साथ बढ़ा है। 2019 के लोकसभा चुनावों के ध्यान में रखकर किये गये सीएसडीएस के सर्वे में राज्यवार लोकसभी सीटों की तस्वीर पेश की गयी है।

2019 से पहले यह साल मोदी सरकार के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है। साल के अंत में कई राज्यों में चुनाव होने हैं। सर्वे में इन राज्यों में भी पार्टियों की स्थिति की तस्वीर पेश की गयी है। सर्वे में दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी पिछड़ती नजर आ रही है। सर्वे के मुताबिक 230 सीटों वाले मध्यप्रदेश में आज चुनाव हों तो यहां बीजेपी को भारी झटका लग रहा है। बीजेपी को 34% और कांग्रेस को 49% वोट शेयर मिलने का अनुमान है। जबकि और अन्य के खाते में 17% वोट शेयर जा सकता है। राज्य में साल 2013 में बीजेपी को 165, कांग्रेस को 58 और अन्य को 7 सीटें मिली थीं। बीजेपी को 45%, कांग्रेस को 36% और अन्य को 19% वोट शेयर मिला था। दरअसल बीजेपी के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों ही काफी अहम राज्य है। जहां पिछले दो बार से ज्यादा इन दो राज्यों पर बीजेपी का कब्ज़ा है। अब सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस धीरे धीरे इन दो राज्यों की तरफ विजय हासिल करती नज़र आ रही है। राजस्थान की बात करे तो बीजेपी को 39%, कांग्रेस को 44% और अन्य के खाते में 17% वोट शेयर जाने की उम्मीद है।

वहीँ पिछले चुनाव पर नज़र डाली जाए तो बीजेपी को 45 फीसद, कांग्रेस को 33 फीसद और अन्य दलों को 22 फीसद वोट मिले थे। अगर ऐसा सर्वे के इर्द-गिर्द ही चुनावी नतीजे आये तो बीजेपी के लिए दोनों राज्यों में सरकार गंवाना ठीक वैसा ही होगा जैसा सीपीआईएम का त्रिपुरा और बंगाल में हुआ और खुद कांग्रेस इसका बड़ा उदाहरण रही है। जो राज्य दर राज्य चुनाव हारती गई और मोदी सरकार हर उस राज्य में सरकार बनाती गई जहां वो पहले थी ही नहीं।
सर्वे में अगर मध्यप्रदेश की बात करें तो शिवराज का राज भी अब आखिरी साँसे ले रहा है।

राजस्थान, मध्यप्रदेश में हार और गुजरात और यूपी में कमजोर होता संगठन साफ तौर पर भाजपा और मोदी के लिये खतरा बन चुका है। कांग्रेस विपक्षी एकता को लेकर चलने में कामयाब हो जाए तो यूपी में भी भाजपा का सूपड़ा साफ हो जायेगा वही बिहार में कांग्रेस+राजद के गठबंधन का जनाधार काफी तेजी में बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। इन सब को देखे तो भाजपा की सबसे मजबूत गढ़ उत्तर भारत की भाजपा के पकड़ से दूर जाता दिख रहा है क्योंकि महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यो में पहले ही भाजपा मुश्किल में नजर आ रही है।

राहुल गाँधी की आक्रमकता और अध्यक्ष बनने के बाद सक्रियता भी कही न कही लोगो के एक बेहतर विकल्प के रूप में राहुल गाँधी का मजबूत कर रही है।

दक्षिण भारत मे कर्नाटक के अलावा भाजपा कही नही है और कर्नाटक में अब जेडीएस और कांग्रेस के गठबंधन के बाद भाजपा के लिये वहां पर भी पिछली लोकसभा के प्रदर्शन को दोहराना काफी मुश्किल होगा।

इसलिये 2019 में जो ये समझ रहे हैं कि भाजपा नही हार सकती है वो राज्यवार विश्लेषण करके देख लें भाजपा के लिये सरकार बचाना बहुत कठिन लग रहा है।

✍ शिल्पी सिंह

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