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मध्य प्रदेश में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य में कथित फर्जी वोटरों के मामले ने तूल पकड़ लिया है।

इस मामले में रविवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से शिकायत की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार की मिलीभगत से राज्य में 60 लाख से भी अधिक फर्जी मतदाता तैयार किए गए हैं।

मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा,
‘यह सब बीजेपी का किया धरा है। यह कैसे संभव है कि 10 वर्षों में जनसंख्या 24 फीसदी बढ़ी लेकिन वोटरों की संख्या 40 फीसदी बढ़ गई? हमने हर विधानसभा की मतदाता सूची की जांच की। 1 वोटर का नाम 26 सूचियों में है और इसी तौर के मामले अन्य जगहों पर भी हैं।’

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा,
‘हमने चुनाव आयोग को तकरीबन 60 लाख फर्जी वोटरों के मामले में सबूत सौंप दिए हैं। वोटर लिस्ट में इन नामों को जानबूझकर जोड़ा गया है। यह प्रशासनिक लापहवाही नहीं बल्कि प्रशासनिक दुरुपयोग है।’

कांग्रेस का कहना है कि नए वोटरों के कारण भाजपा ने सत्ता हासिल की थी और वह एक बार फिर वहीं कोशिश कर रही है।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार का कार्यकाल इसी साल अंत में खत्म हो रहा है और इससे पहले यहां चुनाव होने हैं। राज्य में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं। भाजपा के सबसे मजबूत माने जाने वाले इस राज्य में शिवराज अपने चौथे कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में होंगे। इस बार किसान आंदोलन, महिलाओ के खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार के करण प्रदेश के लोगो मे सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है।

✍ शिल्पी सिंह

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