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महाराष्ट्र पुलिस का कहना है कि माओवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने दावा किया है कि भीमा कोरेगांव में जनवरी में हुई हिंसा के सिलसिले में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद इस बात का खुलासा हुआ है।

इस ख़बर के सामने आने के बाद जहां कुछ लोगों ने चिंता जताई है वहीं कुछ लोगों ने इसपर संदेह ज़ाहिर किया है। कुछ लोगो की मानें तो यह ख़बर बीजेपी और मीडिया द्वारा फैलाया गया शिगूफा है। विपक्षियों का कहना है कि मोदी और भाजपा की जब लोकप्रियता घटती है तो उन्हें इस तरह की सहानुभूति का सहारा लेना पड़ता है।

उधर पूर्व भाजपा नेता और वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने ट्वीट करके कहा है कि “प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है। यह चौकाने वाली बात है कि प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी की खबर राज्य सरकार (महाराष्ट्र) से आ रही है। केंद्र सरकार को इस गंभीर मामले में और जल्द से जल्द सभी तथ्यों के साथ बाहर आने दें।

गौरतलब है कि भाजपा अपने चुनावी अभियानों से जनता में यह सन्देश देती रही है कि ‘हिन्दू’ धर्म और हिन्दू धर्म को मानने वाले हिंदुस्तान में खतरे में हैं। भाजपा के नेता इसको लेकर भड़काऊ और नफरत भरे भाषण भी देते रहे हैं।।

प्रधानमंत्री मोदी को धमकाने वाले पत्र में चौकाने वाली बात ये भी है कि उसमें भाजपा की जीत को भी एक कारण माना गया है जिसकी वजह से वो पीएम मोदी को मरना चाहते हैं। प्रधानमंत्री को धमकाने वाले प्रकरण में एक संदेह ये भी है कि जब मामला प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर हो तो उसकी खबर मीडिया में क्यों प्रचारित किया जा रहा है? अगर ये बात सच निकली तो मीडिया में आ रही ख़बरों को देख और पढ़कर माओवादियों को फायदा ही मिलेगा। सरकार और मीडिया को इससे बचना चाहिए।

महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने इस मामले पर कहा कि “इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ये भाजपा द्वारा फैलाया जा रहा शिगूफा हो। अगर पीएम की हत्या की साजिश हो रही है तो उसकी जाँच जरुर होनी चाहिए, लेकिन इसकी खबर मीडिया में नहीं आनी चाहिए।

नक्सली पीएम मोदी को मारने का प्लान बना रहे थे…उन्होंने प्लान बनाने के बाद उसे एक कागज पर लिखा. हिंदी और अंग्रेजी में उसे टाइप करवाया…फिर प्रिंट करवा के दो-दो प्रिंट तकिया के नीचे रख के सो गए और पुलिस से पकड़े जाने का इंतज़ार करने लगे…पुलिस आई, उन्होंने नक्सलियों के साथ वो लेटर बरामद कर लिया..फिर पुलिस ने उस लेटर को FIR में लगाने, कोर्ट में सौंपने के बाद बीजेपी के IT सेल के हेड को दे दिया…और IT सेल के हेड ने वो लेटर ट्वीटर पर छाप दिया…वहां से रिपोर्टरों ने कॉपी किया और अपने-अपने दफ्तर भेज दिया शाम होने से पहले मामले में न्याय हो गया आरोपी, दोषी करार दिए गए. और इस वजह से अदालती तामझाम में खर्च होने वाले करोड़ो रूपए बच गए !

“मोदी और भाजपा की जब लोकप्रियता जब-जब घटती है तब बीजेपी को ऐसा करना पड़ता है।” प्लान A- हिन्दू खतरे में है अगर काम न करे तो प्लान B ट्राई करो, मोदी खतरे में है। कई पिछले 10 सालों में लगातार पीएम मोदी अलग अलग तरह से धमकी मिली है। मगर किसी भी धमकी की जांच कितनी और कहाँ तक पहुंची ये या तो सिर्फ पीएम मोदी जानते है या फिर उनकी सुरक्षा देखने वाले लोग। प्रधानमंत्री देश के लिए सुरक्षा का भरोसा होता है ऐसे में अगर उसे ही धमकी मिलनी शुरू हो जाये तो समझा जा सकता है देश में खुफिया विभागों की चूक कहाँ हो रही है।

शिल्पी सिंह

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