loading...

मध्य प्रदेश में बीजेपी की 15 सालों से सरकार है। बीजेपी महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे भी करती है और ‘बेटी बचाओ’ जैसे नारे बुलंद करती है। लेकिन आंकड़ों पर ग़ौर करें तो मध्य प्रदेश में हर साल रेप के मामलों में बढ़ौतरी हुई है। ऐसे में यह कहना मुश्किल नहीं कि राज्य की शिवराज सरकार रेप की वारदातों को रोकने में नाकाम रही है।

खबरों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में पिछले 120 दिन में 1,554 रेप की घटनाएं हुईं। साल 2018 में एक जनवरी से 30 अप्रैल तक महिलाओं और नाबालिगों से 1,554 ज्यादती के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यानी प्रदेश में हर दिन करीब 13 रेप की घटनाएं हो रही हैं।

मध्यप्रदेश के मंदसौर मे रेप के मामले को लेकर पहले देश मे बड़ा गुस्सा है। अब राज्य के धार जिले मे 12 साल की एक मासूम के साथ ऐसी ही हैवानियत का मामला सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के धामनोद थानाक्षेत्र के साला गांव मे बच्ची के साथ ये दरिंदगी किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही मामा ने की है। मामा उदय सिंह ने चुपके से घर में दाखिल होकर पहले बच्ची का मुंह दबाया, फिर उसे पास ही स्थित ईंट के एक भट्टे में सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बड़वानी जिले के सेंधवा में रहने वाली लड़की का ये कलयुगी मामा पर पहले भी रेप का आरोप लग चुका है। इस मामले में उदयसिंह 10 साल की सजा काटने के बाद अभी दो महीने पहले ही जेल से छूट कर घर आय़ा था।

बता दें कि नाबालिग से बलात्कार के मामलों मे मध्यप्रदेश अव्वल स्थान पर है। जिसको लेकर शिवराज सरकार हमेशा विपक्ष के निशाने पर रही है। सतना के पन्ना गांव में 4 साल की बच्ची रेप की शिकार हुई थी। आरोप है कि गांव का ही रहने वाला महेंद्र सिंह नाम का युवक बच्ची को उस वक्त उठा ले गया था, जब वह रात में सो रही थी। गांव से कुछ देर ले जाने के बाद उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और मौके पर ही मासूम को छोड़कर फरार हो गया।
वारदात को अंजाम देने से पहले बच्ची के पिता से मिलने आरोपी उनके घर पहुंचा था। बच्ची के पिता से मिलने के बाद वह चला गया था। बताया जा रहा है उसी दिन आरोपी दूसरी बार करीब रात को 11:30 बजे दोबारा बच्ची के घर पहुंचा और सोती हुई मासूम को उठा ले गया और घर से कुछ दूर लेजाकर घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

आंकड़ों के मुताबिक, इन चार महीनों में सबसे ज्यादा भोपाल में 105 रेप के केस दर्ज किए गए हैं। इसके बाद इंदौर में 82, जबलपुर में 72 और ग्वालियर में 69 मामले सामने आए हैं। यह आंकड़े द थॉमसन रॉयटर्स के सर्वे को गलत ठहराने वालों के लिए ज़रूर चौंकाने वाले हो सकते हैं।

सूबे में महिलाओं की सुरक्षा के लिए डायल-100 से लेकर मैत्री मोबाइल, शक्ति स्क्वाड, महिला पीसीआर, वी केयर फॉर यू, महिला थाना व अन्य फोरम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन इसके बावजूद मध्य प्रदेश रेप के मामले में देश का नंबर वन राज्य है। 15 साल होने को है मामा ने पूरे प्रदेश को बरबाद कर के रख दिया हिंदुस्तान का दिल हुआ करता था मध्यप्रदेश अब बरबादी के ढेर पे खड़ा है।

✍ शिल्पी सिंह

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here