शर्मनाक : अमित शाह का विरोध करने पर छात्राओं के साथ यूपी पुलिस ने किया बर्बरतापूर्ण व्यवहार

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अमित शाह की इलाहाबाद रैली के दौरान छात्राओं ने उन्हें काले झण्डे दिखाए। इसके बाद मौज़ूद पुलिसकर्मी ने लड़कियों पर लाठियाँ बरसाई। महिला पुलिसकर्मियों का कोई नामोनिशान नहीं दिखा बाद में छात्राओं को जेल भेज दिया गया। उन पर शांतिभंग की धारा 147 आदि लगाई गई है।

उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को काले झंडे दिखाने में उत्तर प्रदेश के छात्रों ने रिकॉर्ड बनाया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने लड़कियों पर लाठी चलाई, उनके बाल खींचे, घसीटते हुए जीप में डाला और उन्हें गिरफ्तार करके थाने ले गई। ये छात्र-छात्राएं अमित शाह से मांग कर रहे थे कि उत्तर प्रदेश में छात्रों के ऊपर जो कहर बरपाया जा रहा है, उसे बंद किया जाये।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 27 जुलाई को इलाहाबाद हवाईअड्डे से जैसे ही बाहर निकले तो उनके कारवां को काला झंडा दिखाने के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय की दो छात्राएं नेहा यादव और रमा यादव सड़क पर आ गई बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह संगमनगरी इलाहाबाद के दौरे पर थे। इसी दौरान शाह के काफिले के आगे दो छात्राए अचानक काले झंडे लेकर उनका विरोध करने लगी इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता योगी सरकार की पुलिस ने बेहद ही शर्मनाक तरीके से लाठियां मारनी शुरू कर दी और बाल खीचते हुए पुलिस की जीप में ठूस दिया।

अमित शाह को काले झंडे दिखाने वाली लड़कियों के साथ योगी की पुलिस लगातार ज्यादती कर रही है। प्रदर्शन के दौरान पहले बाल पकड़कर घसीटा, पुरुष पुलिस वालों ने लाठियां बरसाई और उसके बाद गिरफ्तार कर लिया।
सामान्य धाराओं के तहत गिरफ्तार लड़कियों को जमानत नहीं दी गई। दो बेटियों की खुले विरोध के बाद घबराई योगी सरकार उनके दमन की साजिश रच रही है। तमाम कोशिशों के बाद नेहा वर्मा को जमानत नहीं दी गई बल्कि उन्हें नैनी जेल भेज दिया है।

जिस तरह से पुलिस ने अपनी बर्बरता दिखाई है वो कहीं से भी पुलिस का काम नज़र नहीं आता। क्योंकि एक महिला पर पुरुष पुलिस वाले का लाठियां बरसना पूरी तरह से गलत है। मगर इस मुद्दे पर कभी डिबेट नहीं होगी क्योंकि ये मुद्दा हिन्दू मुसलमान का नहीं है ये बीजेपी विरोधियों की श्रेणी में आता है और टीवी का मीडिया पुलिस के इस चेहरे को कभी भी बहस का मुद्दा नहीं बनाएगा।

इस दौरान आनन-फानन में अमित शाह के सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षा के लिहाज से तुरंत ही प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिस के वाहन में बैठाने के पहले एक सुरक्षागार्ड एक छात्रा के पैर पर लाठी से प्रहार कर देता है। वहीं, इस वीडियो में दिख रहा है कि इन दौरान इस पुलिसकर्मी एक छात्रा के बाल पकड़कर उसे गाड़ी में बैठा रहा है। बता दें कि इस घटना के वजह से कुछ देर के लिए काफिले की गाड़ियों को रुकना भी पड़ा।

साल 2015 की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जनवरी को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना की शुरुआत की। इस योजना की शुरुआत को एक अच्छी पहल माना गया।

पीएम मोदी ने उस वक़्त दिए अपने भाषण में कहा था कि बेटियों के जन्म पर उनकों बोझ न समझे बल्कि उनको बेहतर शिक्षा देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए ताकि वह भी सिर उठाकर समाज के साथ चल सकें।

मगर उसके बाद से हालत बद से बदतर होते चले गए और मीडिया या कहा जाये गोदी मीडिया शांत रहा वो अब भी शांत है जब छात्राओं को गिरफ्तार कर जेल में ठूस दिया है तब भी। जिस तरह से पुलिस ने अपनी बर्बरता दिखाई है वो कहीं से भी पुलिस का काम नज़र नहीं आता। क्योंकि एक महिला पर पुरुष पुलिस वाले का लाठियां बरसना पूरी तरह से गलत है। मगर इस मुद्दे पर कभी डिबेट नहीं होगी क्योंकि ये मुद्दा हिन्दू मुसलमान का नहीं है ये बीजेपी विरोधियों की श्रेणी में आता है और टीवी का मीडिया पुलिस के इस चेहरे को कभी भी बहस का मुद्दा नहीं बनाएगा।

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