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पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों और महंगाई पर सरकार के खिलाफ बुलाए भारत बंद में कांग्रेस समेत विपक्षी मोर्चे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही पुराने बयानों को हथियार बनाकर हमला बोला. यूपीए सरकार और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ गुजरात मुख्यमंत्री के तौर पर दिए मोदी के भाषण और बयान बाकायदा विरोध प्रदर्शन के मंच से बजाए और सुनवाए गए.

मानसरोवर यात्रा से लौटने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने राजघाट पर बापू के समाधि को मानसरोवर का पवित्र जल चढ़ाया और फिर बन्द में शामिल होने के लिये गए।

भारत बंद के धरने पर अपने सम्बोधन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस बात को लेकर तंज कसा. राहुल गांधी ने कहा कि पहले ये प्रधानमंत्री पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर देश भर में घूम घूमकर बोला करते थे. लेकिन अब जबकि पेट्रोल 80 रुपए प्रति लीटर के पार है, एक लीटर डीज़ल के दाम भी 80 रुपये के करीब पहुंच रहे हैं, रसोई गैस की कीमत में 2014 से अब तक 300 रुपये से अधिक का इजाफा हो चुका है तो प्रधानमंत्री चुप हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के बड़े नेता जिस धरना स्थल पर जमा हुए थे वहां भी अंतिम भाषण के बाद पीएम मोदी के पुराने भाषण के अंश लाऊड स्पीकर पर काफी देर तक बजते रहे. यह अधिकतर पीएम मोदी के वो पुराने भाषण थे जिनमें उन्होंने मनमोहन सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कठघरे में खड़ा किया था. साथ ही महंगाई को लेकर यूपीए सरकार के सवाल उठाए थे. इसमें पेट्रोल डीजल के दामों पर लगाम लगाने में केंद्र सरकार की जवाबदेही और आम नागरिक की परेशानी पर संवेदनशीलता की कमी बताते हुए निशाना साधा जाता था।

बढ़ती महंगाई के खिलाफ बुलाए गए भारत बंद की सफलता के लिए कांग्रेस ने देश की जनता का शुक्रिया अदा किया है। कांग्रेस महासचिव ने बंद को सफल बताता हुए इसमें समर्थन देने वाले सभी 21 दलों का भी आभार जताया। भारत बंद के बाद शाम में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि लोगों ने आज अपनी इच्छा से सरकार के खिलाफ भारत बंद में हिस्सा लिया और उसे एक संदेश देने का काम किया। उन्होंने कहा, कम से कम अब सरकार को कीमतों को कम करना चाहिए। लेकिन वे थोड़ा सा भी चिंतित नहीं हैं। आज देश में लोकतंत्र खतरे में है। इसलिए हम सबको मिलकर लोकतंत्र को बचाने की आवश्यकता है।

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