‘मोदीजी को कर्जमाफी तक सोने नहीं देंगे’

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मध्य प्रदेश – देश में सबसे बदतर ज़िन्दगी झेल रहे मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कांग्रेस की जीत सही मायनों में सौगात लेकर आयी है. जहाँ पिछले काफी वर्षो से संघर्ष कर रहे किसानों की क़र्ज़ माफ़ी कुछ ही घण्टों में की गयी वही कांग्रेस के इस कदम को देखकर अन्य राजनितिक दल भौचक हैं.
मुख्यमंत्री की कमान संभालते ही कमलनाथ ने सबसे पहले कर्जमाफी का ऐलान किया, इसके बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनने के कुछ घंटे के अंदर ही कर्जमाफी की घोषणा कर दी गई. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में जनता से किसानों की कर्जमाफी का वादा किया था.


अपनी सफलता से प्रसन्नचित कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने जमकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है, उन्होंने कहा की जो हमने वादा किया था वो कर दिखाया, दो राज्यों का माफ हो गया है और तीसरे का भी माफ करेंगे. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकार ने कर दिखाया है. अब हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश के किसानों का कर्जा माफ करें।
उन्होंने कहा कि पूरे विपक्ष की ओर से हम उन पर दबाव डालेंगे. अगर वह नहीं करते हैं तो हम 2019 में जब सत्ता में आएंगे तो गारंटी के साथ किसानों का कर्ज माफ करेंगे. हम उनको पीछे नहीं हटने देंगे. मोदी पर इतना दबाव डालेंगे कि उनका कर्ज माफ करना ही पड़ेगा।

पीएम मोदी को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गाँधी ने कहा की इन्होने देश को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया है एक पूंजीपतियों का देश जिसमें 15-20 उद्योगपतियों का और दूसरा किसान, गरीब, मजदूर और छोटे दुकानदारों का. मोदी ने 15-20 लोगों उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जबकि 3.50 लाख करोड़ पर जनता का पैसा इन उद्योगपतियों की जेब में डाल दिया, लेकिन किसानों का एक रुपया भी माफ नहीं किया।
पीएम मोदी को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गाँधी ने कहा की इन्होने देश को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया है एक पूंजीपतियों का देश जिसमें 15-20 उद्योगपतियों का और दूसरा किसान, गरीब, मजदूर और छोटे दुकानदारों का. मोदी ने 15-20 लोगों उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जबकि 3.50 लाख करोड़ पर जनता का पैसा इन उद्योगपतियों की जेब में डाल दिया, लेकिन किसानों का एक रुपया भी माफ नहीं किया।

राफेल मुद्दे पर एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राफेल में चोरी करके पैसा एक व्यक्ति की जेब में डाल दिया गया है. हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर जेपीसी होनी चाहिए ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो जाए. मोदी जेपीसी से क्यों भाग रहे हैं? वह जेपीसी क्यों नहीं करना चाहते हैं?

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