उन्नाव बलात्कार केस के खिलाफ कांग्रेस का आज प्रदेश भर में प्रदर्शन

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उन्नाव का बहुचर्चित बलात्कार केस में जिस तरह से बीजेपी MLA के आरोपी होने के कारण बीजेपी सरकार पर उसे बचाने का आरोप लग रहा है और पीड़िता पर जिस तरह से हमला हो रहा है उसके बाद यूपी के सियासत में फिर एक बार उबाल आ गया है।

रायबरेली में सड़क दुर्घटना में घायल हुई उन्नाव रेप केस की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विपक्षी दल प्रदेश सरकार और बीजेपी के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

जमीन से लेकर सोशल मीडिया तक पर अपनी बात रखकर विपक्षी दल के नेता बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ा कर रहे हैं।

इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 31 जुलाई को सभी जिला मुख्यालयों पर उन्नाव की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है।

वहीं दूसरी ओर गुरबख्शगंज में हुए रोड ऐक्सिडेंट में घायल वकील और पीड़िता की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

घटना के विरोध में उपवास के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ आरपी त्रिपाठी ने बुधवार को एक पत्र जारी किया। जिसमें लिखा गया कि, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कांग्रेस का यह उपवास कार्यक्रम जिला और शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जाएगा।
जिसमें महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, छात्र संगठन, विभागों और प्रकोष्ठों की भी भागीदारी रहेगी। कांग्रेस का यह उपवास कार्यक्रम 31 जुलाई दिन बुधवार को 11 से 5 बजे तक चलेगा।

इस उपवास में कांग्रेस ने उन्नाव की बेटी और उसके अधिवक्ता के लिए सर्वोच्च इलाज हेतु व्यवस्था की मांग, पीड़िता के परिवार को तत्काल आर्थिक साहयता, बलत्कार और हत्या के आरोपी विधायक को पार्टी से तुरंत बर्खास्त करने, और जेल में बंद रेप पीड़िता के चाचा को सरकार परिवार की देखभाल हेतु एक महीने की पैरोल की मांग की गई है।

इस मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ सोमवार को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। सरकार ने देर रात इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी। पीड़िता ने वर्ष 2017 में उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया था। इस मामले में सेंगर को गिरफ्तार किया गया और इस वक्त वह जेल में हैं।

जब से पीड़िता ने ये आरोप बीजेपी MLA पर लगाया है तब से ही पीड़िता के परिवार पर हमले हो रहे हैं पहले पिता की पुलिस कस्टडी में मौत , फिर चाचा को जेल और अब रोड एक्सीडेंट में परिवार के सदस्यों का मौत।

इस मामले पर जनता लगतार मोदी सरकार और योगी सरकार के रवैये पर भी सवाल उठा रही है।

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