मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के लिए सोनिया गांधी को करना पड़ रही है माथापच्ची

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सोनिया गांधी द्वारा अंतरिम अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से ही अलग-अलग राज्यो के नेतृव में बदलाव किया जा रहा है इसी बदलाव के क्रम में अब मध्यप्रदेश में संगठनात्मक बदलाव होना है। मध्यप्रदेश में नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करना है। जिसके लिए प्रदेश कांग्रेस नेता दिल्ली पहुंचकर लॉबिंग कर रहे हैं. इस सिलसिले में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को पार्टी के सीनियर नेताओं से मुलाकात भी की है।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस नेताओं से कह दिया है कि वह सभी नेताओं से विचार-विमर्श करेंगे. कुछ और लोगों को मध्य प्रदेश से दिल्ली बुलाया जाएगा, उनसे बातचीत की जाएगी उसके बाद ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर फैसला होगा, सिर्फ एक दो सीनियर नेताओं के कहने पर कोई फैसला नहीं होगा।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के अंदर यह राय बनी है कि किसी आदिवासी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया जाए. इसे प्रदेश के अंदर एक अच्छा मैसेज भी जाएगा. पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा आदिवासी वोट ही कांग्रेस को मिले थे. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी कहा है कि अगर कोई आदिवासी लीडर प्रदेश अध्यक्ष बनता है तो उनको कोई ऐतराज नहीं है. इसके लिए नामों पर विचार चल रहा है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के युवा नेता ज्योरादित्य सिंधिया जो प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में हैं. उनके समर्थक यह चाहते हैं कि सिंधिया को ही प्रदेश अध्यक्ष बना दिया जाए. हालांकि पार्टी आलाकमान को लगता है कि अगर ज्योरादित्य सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष बने तो वह एक पावर सेंटर की तरह काम करेंगे तो राज्य में 2 पावर सेंटर हो जाएंगे. ऐसे में मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योरादित्य सिंधिया के बीच गुटबाजी बढ़ सकती है. दोनों नेताओं के रिश्ते ठीक नहीं हैं यह बात सभी लोग भली-भांति जानते हैं.

कांग्रेस के कुछ विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चलाया है. दिग्विजय सिंह के कमलनाथ से अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन सूत्र बता रहे हैं की पार्टी आलाकमान दिग्विजय सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पक्ष में नहीं है. दिग्विजय सिंह पहले ही राज्य के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा वह कांग्रेस पार्टी में बड़े पदों पर काम कर चुके हैं.

कुल मिलाकर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जमकर लॉबिंग हो रही है. प्रदेश के सीनियर नेता अपने-अपने समर्थकों का नाम इसलिए चला रहे हैं, लेकिन सोनिया गांधी ने साफ कर दिया है कि सबसे बातचीत करके सोच समझ कर फैसला करेंगी और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं होगा.

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार है जिसके मुख्यमंत्री कमलनाथ हैं।

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