मध्यप्रदेश में तेजी से हो रही है व्यापम घोटाले की जांच

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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से किया गया सबसे बड़ा वादा था मध्यप्रदेश को बदनाम करने वाले व्यापम घोटाले की जांच और दोषियों को सजा दिलाना। सरकार बनने के 9 महीने होने के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता के साथ साथ प्रदेश की जनता भी सरकार के इस वादे को लेकर चर्चा कर रही थी मगर अब कांग्रेस सरकार अब अपने इस बड़े चुनावी वादा पर काम करना शुरू कर दी है।

सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने व्यापमं घोटाले की जांच का वादा किया था. अब जब कांग्रेस सत्ता में आ गई है, तो उसने अपने इस वादे को पूरा करना भी शुरू कर दिया है. व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानि व्यापमं घोटाले की पुरानी शिकायतों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स की तीन एसआईटी का गठन किया गया है. ये एसआईटी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर के एसपी एसटीएफ के नेतृत्व में काम कर रही हैं।

पेंडिंग शिकायतों की संख्या 197 से भी ज्यादा है, लेकिन मौजूदा दौर में एसटीएफ के अधिकारी चिन्हित 197 शिकायतों की जांच कर रहे हैं. इन्हीं शिकायतों में शामिल इंदौर के व्हीसल ब्लोअर आंनद राय के बयान दर्ज किए गए. भोपाल के जहांगीरबाद में स्थित एसटीएफ मुख्यालय में एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने करीब पांच घंटे तक बयान दर्ज किए.

पीएमटी 2010 में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में फर्जी तरीके से कई छात्रों को प्रवेश दिए गए.
गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में 2009 बैच के स्टूडेंट गुरु प्रसाद द्विवेदी ने फर्जी तरीके से एडमीशन लिया.

प्री मेडिकल टेस्ट में व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अधिकारियों की मिली भगत से फर्जी चयन और करोड़ों का लेनदेन किया गया.

पीएमटी 2012, 2013 घोटाले में निजी मेडिकल कॉलेजों की भूमिका रही.
इंदौर निवासी रुबी सिंह का फर्जी चयन किया गया.

प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के मालिक, रैकेटियर्स, मीडिलमैन, इंपर्सोनेटर्स और स्कोरर्स ने मिलकर स्टेट

कोटे की सीटों पर गलत तरीके से अपात्र छात्रों को प्रवेश दिया गया.

परिवहन आरक्षक परीक्षा 2012 में हुई अनियमितता और रिश्वत देकर नियुक्त हुए दिनेश रघुवंशी और हेमंत रघुवंशी की जांच की जाए.

आनंद राय की पेंडिंग शिकायतों पर उनके बयान दर्ज किए गए हैं. इसके साथ ही अन्य कई शिकायतों की जांच की जा रही है. जिनमें अलग-अलग लोगों के बयान लिए जाना हैं. एसटीएफ ने शिकायतों की जांच के लिए व्यापमं, कॉलेजों के साथ दूसरी संस्थाओं से तमाम दस्तावेजों को मांगा है. अब जल्द ही इन शिकायतों में आरोपियों को चिन्हित कर एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी. अभी एसटीएफ 197 चिन्हित शिकायतों की जांच कर रही है. दावा किया जा रहा है कि पेंडिंग शिकायतों की संख्या 1200 है. इसके अलावा नई शिकायतें भी आ रही हैं.

मध्यप्रदेश एसटीएफ के एडीजी अशोक अवस्थी ने कहा कि पेंडिंग शिकायतों की जांच के लिए इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में एसआईटी का गठन किया गया है. तीनों जिलों के एसपी एसआईटी को लीड कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि शिकायतों से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. जांच में तथ्यों के आधार पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम भी किया जाएगा.

सालों से पेंडिंग है शिकायत
व्हीसल ब्लोअर आनंद राय ने कहा कि मेरी शिकायतें सालों से पेंडिंग हैं. अब उन पर एसटीएफ के अधिकारी बयान ले रहे हैं. पीएमटी के अलावा भी व्यापमं की कई परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा किया गया है. डीमेट में भी व्यापक पैमाने में घोटाला हुआ था.

अब देखना है कि प्रदेश के सबसे बड़े घोटाले की जांच के दायरे में कौन कौन आता है और इसके बाद सियासी समीकरण कैसे बदलते हैं। अब तक कांग्रेस ये आरोप लगाते आई है कि इसमे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हैं।

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