हनी ट्रैप रैकेट का बड़ा मामला, सुंदरियों के जाल में फंसे चार मंत्री सहित तीन दर्जन IAS-IPS अफसर

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मध्यप्रदेश के हाईप्रोफ़ाइल हनीट्रैप मामले में इंदौर जिले की एक अदालत ने कुल गिरफ्तार छह आरोपियों में से तीन आरोपियों को आगामी 14 दिनों के लिये न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। जबकि मुख्य आरोपी आरती सहित तीन आरोपी आगामी 22 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर ही हैं।

 एक अधिकारी की शिकायत पर मध्यप्रदेश पुलिस ने हनीट्रैप के आरोप में पांच महिलाओं और उनके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद सभी छह आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। इन्दौर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रूचिवर्धन मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार महिलाओं में आरती दयाल (29), मोनिका यादव (18), श्वेता जैन पति विजय जैन (39), श्वेता जैन पति स्पनिल जैन (48), और बरखा सोनी (34) शामिल हैं।

एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से पुलिस ने 14,17000/- रुपये नगद व मोबाइल फोन और एक एसयूवी बरामद की है।उन्होंने बताया कि इन्दौर नगर निगम के एक अधिकारी की शिकायत पर पहले आरती, मोनिका और उनके वाहन चालक को इन्दौर में गिरफ्तार किया गया था।

इनसे पूछताछ के बाद भोपाल की पॉश कालोनियों से तीन अन्य आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किये गये सभी आरोपी भोपाल निवासी हैं।

पहली किस्त लेने थे 50 लाख रुपए 
एसएसपी ने आरोपी आरती के हवाले से बताया कि उसकी साथी श्वेता जैन ने उसे करीब आठ माह पहले इन्दौर नगर निगम के अधिकारी से मिलवाया था। इसके बाद दोनों में फोन पर बातचीत तथा मुलाकात शुरु हो गयी। एक मुलाकात के दौरान आरोपी महिलाओं ने छिपकर एक वीडियो क्लिप बना ली तथा भोपाल पहुंचने के बाद अधिकारी से तीन करोड़ रुपये की मांग की। अधिकारी की शिकायत के बाद पुलिस ने योजना बनाई और पहली किस्त के तौर पर 50 लाख लेने इन्दौर आयी आरती, मोनिका और उनके वाहन चालक को गिरफ्तार किया। इसके बाद अन्य आरोपियों को पकड़ा गया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस मामले में विस्तृत जांच कर रही है।

हनी ट्रैप मामले में व्यावसायिक परीक्षा मंडल घोटाले से जुड़ा एक बड़ा नेता भी लाखों रुपए से ब्लैक मेल हो चुका है। खास बात ये है कि इस क्लिप में नेता ने उस वक्त के कुछ और मंत्रियों के नाम शराब और कामुकता के नशे के बीच लिए हैं। इस वीडियो को बनाने वाली गिरफ्तार महिला ने पहले इस वीडियो को पहले कांग्रेस को बेचना चाहा। जब एक घंटे से ज्यादा टाइमिंग की यह क्लिप नहीं बिकी तो इस महिला ने फिर नेता को ही ब्लैक मेल करके लाखों रुपए वसूल लिए। खास बात ये है कि नेता का वीडियो पॉश कॉलोनी में ही बनाया गया। यहां से जब हनी ट्रेप केस की ब्लैक मेलर महिला की गिरफ्तारी हुई तो कॉलोनी के लोग हक्के-बक्के रह गए।

एनजीओ और इवेंट कंपनियों समेत मीडिया लाइजिनिंग से जुड़ी हैं ये गिरफ्तार महिलाएं श्वेता (दो), बरखा, आरती और सीमा।
इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार युवतियों से लैपटॉप, पेन ड्राइव और मोबाइल बरामद किया है।

मध्य प्रदेश की सियासत और नौकरीशाही में भूचाल ला देने वाले हनी ट्रैप कांड में नित नए खुलासे हो रहे हैं। गिरोह के जाल में ऐसे-ऐसे सफेदपोश लोग भी फंसे हैं, जिन्हें तंग आकर जान देने की कोशिश तक करनी पड़ी है। बुधवार को भोपाल से तीन और गुरुवार को इंदौर दो महिलाओं की गिरफ़्तारी के बाद इस हनी ट्रैप कांड का भंडाफोड़ हुआ है। पांचों आरोपी महिलाओं ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज खोले हैं। वहीं, इनके घरों की तलाशी में भी ये अथाह सम्पति की मालकिन निकली हैं।

बताया जा रहा है कि चार मंत्रियों के वीडियो भी इनके पास है। इस वीडियो के जरिए ये महिलाएं उन्हें ब्लैकमेल करती थीं। इसके साथ ही वीडियो के आधार पर ही यह हनीट्रैप गिरोह मंत्रियों से अपना काम निकलवाती थी। यही नहीं उनसे ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर ठेकेदार तक का काम लेती थी। उसमें ज्यादातार सीनियर आईएएस अधिकारी हैं। इन अधिकारियों के सीडी इन महिलाओं के पास मौजूद था। पिछले दिनों इस गिरोह ने एक सीनियर आईएएस अधिकारी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।
लेकिन अभी तक कोई सामने नहीं आया है। गिरोह की एक सदस्य बीजेपी नेता से जुड़ी हुई है। इंदौर से गिरफ्तारी एक लड़की के पास से आईपीएस अधिकारी का भी वीडियो मिला है। उसके बाद यह भी बात सामने आई है कि और कई अधिकारियों के वीडियो इनके पास हैं।

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