प्रियंका ने PMC बैंक की स्थिति को लेकर सरकार पर साधा निशाना , कहा कस्टमर के इन आंसुओं के लिए सरकार जिम्मेदार

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देश की बदहाल होती आर्थिक व्यवस्था और चरमराई हुई बैंकिंग सिस्टम का नुकसान अब देश की जनता को हो रहा है। जहां एक तरफ देश के कई क्षेत्रों में एटीएम की नगरी की शिकायत आ रही थी तो वहीं अब पंजाब एंड महाराष्ट्र को ऑपरेटिव बैंक से रुपए निकालने की लिमिट ₹1000 की जाने से समस्या और बढ़ गया है।

दरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक से रुपये निकालने की लिमिट 1000 रुपये तय कर दी है।

रिजर्व बैंक द्वारा इस लिमिट तय करने के बाद बैंक खाताधारक लगातार हंगामा कर रहे हैं। जनता को बड़ी परेशानी और तुम्हें हंगामे के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी उनके पक्ष में आवाज उठाई है.

प्रियंका ने बैंक की एक अकाउंट होल्डर बुजुर्ग महिला का रोता हुआ वीडियो शेयर करते हुए कहा, “गलती सरकार की आर्थिक नीतियों की है. गलती टॉप अधिकारियों की है. लेकिन गाज निर्दोष और मेहनती लोगों पर गिर रही है.”

प्रियंका ने ये भी कहा, ‘ये सिसकियां पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी बैंक की खाताधारक एक महिला की हैं. आम लोग परेशान हैं क्योंकि वो RBI के एक आदेश के चलते अपना पैसा बैंक से निकाल नहीं पा रहे.’

वीडियो में बुजुर्ग महिला रोते हुए कह रही है, “बैंक वाले मुझे 1000 रुपये से ज्यादा नहीं निकालने दे रहे हैं।

वीडियो में बुजुर्ग महिला रोते हुए कह रही है, “बैंक वाले मुझे 1000 रुपये से ज्यादा नहीं निकालने दे रहे हैं।

अब मैं क्या करूं?” महिला ने ये भी बताया कि उनके खाते में करीब 1 लाख रुपये हैं. वह महीने का 5000 रुपये कमाती हैं।

PMC बैंक को जारी RBI की निर्देशों के मुताबिक, हर खाते से पैसे की निकासी की सीमा 1,000 रुपये तय कर दी गई है. इसके अलावा बैंक को कोई भी नया लोन ना देने के लिए कहा गया है. RBI ने बताया है कि PMC बैंक पर ये पाबंदियां 6 महीने तक लागू रहेंगी.

RBI के इस फैसले से बहुत से आम खाताधारकों की परेशानियां बढ़ सकती हैं. PMC बैंक एक को-ऑपरेटिव बैंक है, ऐसे में इससे जुड़े किसानों के लिए अगले 6 महीने मुश्किल भरे साबित हो सकते हैं.

RBI ने PMC बैंक पर लगाई गईं पाबंदियों को लेकर कोई भी वजह नहीं बताई है. आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है, ”रिजर्व बैंक के निर्देशों को इस बैंक के बैंकिंग लाइसेंस को रद्द करने की तरह नहीं देखा जाना चाहिए. बैंक अगले नोटिस/निर्देशों तक बैंकिंग बिजनेस करना जारी रखेगी।

यह बैंक की बदहाल होती सिस्टम का ही एक उदाहरण है जिसमें खाता धारको को अपना पैसा निकालने पर ही पाबंदी लगा दिया गया है इससे पहले नोटबंदी के दौरान भी इस तरह के कई पाबंदियों को लागू किया गया था और तब कहा गया था कि भविष्य में यह स्थिति नहीं दोहराई जाएगी मगर सिर्फ 3 साल के अंदर यह समस्या और विकराल हुआ और अब खाताधारक सिर्फ ₹1000 निकाल पा रहे हैं।

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