गांधी परिवार से SPG सुरक्षा हटाए जाने के फैसले को कोर्ट ले जा सकती है कांग्रेस

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पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधनमंत्री स्व. राजीव गांधी की हत्या के कारण उनके परिवार को मिलने वाली SPG सुरक्षा को केंद्र की मोदी सरकार ने वापस ले लिया है जिसके बाद देश भर में इसको लेकर बहस और विरोध शुरू हो गई है।

इस फैसले से नाराज कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर ‘कुटिल व प्रतिशोध की राजनीति’ करने का आरोप लगाया।

मिली जानकारी के अनुसार पार्टी इस मुद्दे को अदालत में ले जा सकती है। पार्टी नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘हम देखेंगे कि इस पर क्या किया जा सकता है।’

कांग्रेस का कहना है कि एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने की अफवाह एक माह पहले फैलाई गई थी। इस पर संज्ञान लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कैबिनेट सचिव सचिव राजीव गौबा को 4 नवंबर को पत्र लिखा था।

पूर्व प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा था कि ‘एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने जैसी सुरक्षा संबंधी संवेदनशील जानकारी दैनिक अखबारों व टेलीविजन सहित मीडिया को लीक किया जाना सरकार के तहत सुरक्षा में सीधा सेंधमारी है।

पत्र में वर्ष 1992 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या मामले पर न्यायमूर्ति जे.एस.वर्मा की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी को अल कायदा, खालिस्तानी आतंकी संगठनों और नक्सलियों से धमकी मिली है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मोदी सरकार ने एसपीजी को विदेश दौरों के दौरान गांधी परिवार के साथ रहने की सलाह दी थी और अब यू-टर्न ले लिया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा आरोप लगा रही है कि गांधी परिवार एसपीजी का प्रोटोकॉल तोड़ता रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री मोदी खुद खुली कार में घूमकर प्रोटोकॉल तोड़ते रहे हैं।

इस फैसला आने के बाद लगातार कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और साथ ही कई जगहों पर प्रदर्शन भी किया।

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