रामलीला मैदान मे दिया सोनिया का पूरा भाषण यहा पढिये

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सोनिया गांधी ने कहा, “काफी समय से देश की हालत बेहद गंभीर हो गई है। हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम घरों से बाहर निकलें और आंदोनल करें। किसी भी व्यक्ति और समाज की जिंदगी में एक वक्त आता है, जब इस पार या उस पार का फैसला लेना होता है। आज वही वक्त आ गया है।”

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंच से देश में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “देश के युवाओं की नौकरियां जा रही हैं। उनके सामने अंधेरा ही अंधेरा है। मैं आपसे पूछती हूं कि आप कठोर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं या नहीं? आज जब मैं देश के किसानों की जिंदगी को देखती हूं तो दुख होता है। आज किसानों की जिंदगी मुश्किल हो गई। उन्हें खाद नहीं मिलता, उन्हें उचित दाम नहीं मिलता। हमारे कामगार भाई-बहन दिन रात मेहनत करते हैं। सर्दी-गर्मी की परवाह किए बिना काम करते हैं, बवजूद इसके उन्हें दो जून की रोटी नहीं मिलती है। जिन्होंने लोन लेकर छोटा धंधा शुरू किया, वे आज लोन नहीं चुका पा रहे हैं। आज वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। ऐसी खबरें देश भर से सामने आ रही हैं।”

सोनिया गांधी ने कहा, “हमारी बहनें रात दिन मेहनत करती हैं। आज आम जरूरतों में इस्तेमाल में आने वाली चीजों की कीमतें काफी बढ़ कई है, जिससे हमारी बहनों की नींद हराम हो गई है। उनके ऊपर बर्रबरता बढ़ गई है। यह सब सुनकर हमारा सिर शर्म से झुक जाता है। पूरा देश पूछ रहा है कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ कहां है? अर्थव्यवस्थ क्यों तबाह हो गई। काला धन कहां है, किसके पास है? इस बात की जांच होनी चाहिए कि हमारी देश की कंपनियां क्यों बेची जा रही हैं। जनता का पैस बैंकों में भी सुरक्षित नहीं है। मोदी शाह कहते हैं यही हैं अच्छे दिन।”

उन्होंने आगे कहा, “कालेधन के लिए नोटबंदी की, वो किसके पास है? आधी रात को जीएसटी लागू की, उसके बाद मोदी सरकार का खजाना खाली क्यों हो गया? आरबीआई से लाखों करोड़ रुपए क्यों लिए गए? नवरत्न कम्पनियां क्यों बेची जा रही है? इन सबकी जांच होनी चाहिए।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “आज का माहौल ऐसा हो गया है कि कोई भी धारा हटा दी जाती है। कोई भी बिल संसद से पास करवा दिया जाता है। यह नागरिकता कानून बनाने के लिए काफी दिने से जुटे हुए थे। यह कानून भारत की आत्मा को तारतार कर देगा। इस देश के लिए संविधान निर्माता ने काफी मेहनत की थी। लेकिन मैं यह दावे के साथ कह सकती हूं कि वह संविधान इस नागरिकता कानून के इजाजत नहीं देता। मोदी-शाह को किसी भी संस्थाओं की परवाह नहीं है। उनको सिर्फ राजनीति की परवाह है। आज देश में अंधेर नगरी चौपट राजा जैसे हालात हैं। मोदी-शाह का एक ही एजेंडा है कि लोगों को लड़वाओ और असली मुद्दे को छुपाओ। हम यह कहना चाहते हैं कि देश के लोकतंत्र और संविधान के लिए हम किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार हैं। हम पीछे हटने वाले नहीं है। हम आखिरी सांस तक अपना कर्तव्य निभाते रहेंगें।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत की आत्मा के लिए हमारे महान राष्ट्र निर्माताओं, बाबा साहेब ने कठिन संघर्ष किया था। हमारे देश का बुनियादी स्वभाव भेदभाव वाले कदमों की इजाजत नहीं देता

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