राहुल गांधी ने कहा कोरोना के असर से निपटने के लिए एक बड़े आर्थिक पैकेज की जरूरत

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चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस का प्रभाव पूरे विश्व के साथ-साथ भारत में भी बढ़ गया है जिस कारण से देश में मरीजों की संख्या के बढ़ने के साथ-साथ इसका कुप्रभाव अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है यही कारण है कि देश मे इसको लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

कोरोना वायरस के शुरुआत होने के साथ ही अपने ट्विटर से देश को को सजग करने के साथ-साथ सरकार से इस को लेकर कदम उठाने के लिए अपील कर रहे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसको लेकर फिर एक बार अपने ट्वीट के जरिए केंद्र सरकार से कुछ कदम उठाने के लिए कहा है।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश मे 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान ताली बजाने के आह्वान पर राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि ताली बजाने मदद नही मिलेगी बल्कि अभी नगद मदद की जरूरत है।

राहुल गांधी ने ट्वीट करके लिखा है कि कोरोनावायरस हमारी नाज़ुक अर्थव्यवस्था पर एक कड़ा प्रहार है। छोटे, मध्यम व्यवसायी और दिहाड़ी मजदूर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ताली बजाने से उन्हें मदद नहीं मिलेगी। आज नकद मदद, टैक्स ब्रेक और कर्ज अदायगी पर रोक जैसे एक बड़े आर्थिक पैकेज की जरुरत है। तुरतं कदम उठाये!

इससे पहले राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा था कि सरकार निर्णायक फैसले लेने में असमर्थ है, जिसका देश को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा था कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हमे त्वरित कार्रवाई करने की जरूरत है, लेकिन भारत सरकार ऐसा करने में असमर्थ है, जिसकी भारत को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

राहुल गांधी 31 जनवरी से लेकर आज तक कोरोना के सम्बंध में 8 ट्वीट कर चुके हैं। उन्होंने पहला ट्वीट 31 जनवरी को किया फिर 12 फरवरी को एक , 3 मार्च को दो , 5 मार्च को एक , 13 मार्च को एक , 18 मार्च को एक और 21 मार्च को एक ट्वीट किया।

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