कांग्रेस ने कर्नाटक से राज्यसभा के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे को बनाया उम्मीदवार

0
1093

कोरोना वायरस के कारण 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव अब 19 जून को हो रहा है और जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे चुनाव के लेकर सरगर्मी तेज हो गई है।

इसी सिलसिले में कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव होना है।

पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक द्वारा जारी बयान के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी से पूर्व केंद्रीय मंत्री खड़गे की उम्मीदवारी को मंजूरी दी।

खड़गे पिछली लोकसभा में कांग्रेस के सदन में नेता थे। वह 2019 में लोकसभा चुनाव हार गए थे।

कांग्रेस के दो मौजूदा राज्यसभा सदस्यों एमवी राजीव गौड़ा और बीके हरिप्रसाद का कार्यकाल 25 जून को पूरा हो रहा है। इसके साथ ही भाजपा के प्रभाकर कोरे और जनता दल (सेक्युलर) के कुपेंद्र रेड्डी का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। इस चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तिथि नौ जून है।

कर्नाटक में कांग्रेस की विभिन्न सरकारों में मंत्री रह चुके 77 वर्षीय खड़गे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधानसभा नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उनके पुत्र प्रियंक खड़गे वर्तमान में विधायक हैं। खड़गे ने राज्यसभा चुनाव के लिये उन्हें उम्मीदवार बनाये जाने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा प्रदेश के पार्टी नेताओं का शुक्रिया अदा किया।

खड़गे कहा, ”मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा…राज्यसभा में काम करने का यह अच्छा अवसर है।” लंबे समय तक प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते रहने के बाद पहली बार राज्यसभा सदस्य बनने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”47 वर्षों से मैंने लोगों के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में काम किया, लेकिन इस बार केंद्र एवं प्रदेश भाजपा नेताओं की विशेष कोशिशों के चलते मुझे (2019 के लोकसभा चुनाव में) शिकस्त का सामना करना पड़ा। यह अध्याय अब बंद हो चुका है। अब राज्यसभा एक नया अध्याय है।”

राज्य विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर कांग्रेस चार में से सिर्फ एक सीट ही जीत सकती है। कांग्रेस के 68 विधायक हैं। भाजपा के खाते में दो सीटें जाना तय माना जा रहा है। उसके पास 117 विधायक हैं। चौथी सीट के लिए चुनाव की संभावना है। अगर कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) साझा उम्मीदवार खड़ा करते हैं तो चौथी सीटें उनके खाते में आ सकती है।

जनता दल (सेक्युलर) के विधायकों की संख्या 34 है। ऐसी अटकलें हैं कि अगर जनता दल (सेक्युलर) अपने शीर्ष नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा को उम्मीदवार घोषित करता है, तो कांग्रेस अपने अतिरिक्त वोटों के साथ समर्थन दे सकती है और बदले में विधान परिषद चुनाव में उसका सहयोग ले सकती है।

लेकिन अब तक हैं कांग्रेस और जनता दल सेकुलर के समर्थन और आपसी तालमेल की कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है ऐसे में अब तक सिर्फ अटकलें ही लगाई जा रही है। जबकि बीजेपी इस प्रयास में है कि चौथे सीट के लिए वो क्रॉस वोटिंग का सहारा ले।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here