केरल में हुए हथिनी की मौत पर बीजेपी ने की झूठी राजनीति , केरल के नेताओ ने मेनका गांधी से कहा बयान वापस लो

0
1037

केरल के पल्लापड में हुए हथिनी के दर्दनाक मौत के बाद जहां देश भर गुस्सा और गम का माहौल है तो बीजेपी इस पर ओछी राजनीति करने से बाज नही आ रही है और झूठ के सहारे विपक्ष पर इस मौत की जिम्मेदारी थोपने की कोशिश कर रही है।

दरसल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद मेनका गांधी ने कहा था कि मल्लपुरम ऐसी घटनाओं के लिए कुख्यात है. यह देश का सबसे हिंसक राज्य है।

मेनका गांधी ने भले ही ही इस दर्दनाक घटना को मल्लपुरम से जोड़ा हो मगर यह घटना मल्लपुरम से 80 किलोमीटर दूर पल्लापड में हुई थी।

मेनका गांधी द्वारा पल्लापड की घटना को मल्लपुरम से जोड़कर वायनाड के सांसद राहुल गांधी से सवाल करने पर केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने मेनका गांधी से बयान वापस लेने को कहा है।

रमेश चेन्निथला ने कहा कि हथिनी की मौत दुखद है. इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. लेकिन केरल के मल्लपुरम जिले को लेकर आपका (मेनका गांधी) बयान अस्वीकार्य है. मैं मांग करता हूं कि आप अपना बयान वापस लें. आपके बयान से हेट स्पीच को बढ़ावा मिल चुका है। सोशल मीडिया पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ लोग नफरत की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.

हथिनी की मौत को लेकर मेनका गांधी ने कहा कि ये हत्या है, मल्लपुरम ऐसी घटनाओं के लिए कुख्यात है. यह देश का सबसे हिंसक राज्य है. यहां लोग सड़कों पर जहर फेंक देते हैं जिससे 300 से 400 पक्षी और कुत्ते एक साथ मर जाएं. केरल में हर तीसरे दिन एक हाथी को मार दिया जाता है. केरल सरकार ने मल्लपुरम मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. ऐसा लगता है, वो डरे हुए हैं.

बीजेपी सांसद ने कहा कि भारत में हाथियों की संख्या वैसे भी लगातार घटती जा रही है. अब इनकी संख्या 20,000 से भी कम हो गई है।

दरअसल, पल्लापड से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई थी. यहां एक गर्भवती हथिनी खाने की तलाश में जंगल के पास वाले गांव पहुंच गई, लेकिन वहां जंगली सुअर को मारने के लिए रखे विस्फोटक सामग्री से भरे अनन्नास को खा लिया जिससे उसका मुंह और जबड़ा बुरी तरह से जख्मी हो गए.

विस्फोटक से उसके दांत भी टूट गए थे. इसके बाद भी हथिनी ने गांव में किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया और वो वेलियार नदी पहुंच गई, जहां तीन दिन तक पानी में मुंह डाले खड़ी रही. बाद में उसकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।

इस पूरे घटना में बीजेपी नेताओं ने ना सिर्फ तथ्यों को तोड़ा मरोड़ा बल्कि इस घटना से राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र को संबंधित करने के लिए जिला मुख्यालय भी बदल दिया स्थान का नाम बदल दिया और मौत के आंकड़ों को भी झूठा प्रचारित किया।

हथनी की मौत से जहां देश का हर इंसान दुखी है ऐसे में बीजेपी नेताओं द्वारा इस प्रकार की गैर जिम्मेदाराना और ओछी राजनीति करना कहीं ना कहीं शर्मनाक है और बीजेपी के द्वारा हर मुद्दे पर संप्रदायिकता और वोट के लिए मुद्दे को भटकाने की राजनीति का पोल खोल दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here