छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल गांधी को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने का किया आग्रह

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सोनिया गांधी ने जैसे ही कहा कि वो कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष का पद छोड़ना चाहती हैं, सवाल उठने लगे कि आखिर अगला कांग्रेस अध्यक्ष कौन होगा? एक तरफ राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े हैं कि वो अध्यक्ष नहीं बनना चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि राहुल गांधी ही कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान संभालें.

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कहा है कि राहुल गांधी को आगे आकर जिम्मेदारी लेनी चाहिए.

भूपेश बघेल ने एक खत में लिखा है, ”गांधी-नेहरू परिवार का भारत को गरीब राष्ट्र की श्रेणी से आधुनिक राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

गांधी-नेहरू परिवार ने देश के लिए जो कुर्बानियां दी हैं, वो अविस्मरणी है. 135 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी ने पहले भी अनेक संकटों का सामना किया है, लेकिन कांग्रेस के लाखों-करोड़ों कार्यकर्ताओं की गांधी नेहरू परिवार के प्रति आस्था सदैव अडिग रही है. देश की जनता ने लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप ही गांधी नेहरू परिवार के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की है.”

बघेल ने गुजरात और छत्तीसगढ़ चुनाव की याद दिलाते हुए लिखा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, और छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त किया. गुजरात विधानसभा चुनाव में भी हमने काफी अच्छा प्रदर्शन किया. देश को वर्तमान संकट से उबारने में सोनिया और राहुल गांधी ही आशा की किरण दिखाई देते हैं. इसलिए आपसे विनम्र अनुरोध है कि आप एक बार फिर से कांग्रेस का नेतृत्व संभाले.

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह समय इस तरह के मुद्दों को उठाने का नहीं है. अभी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष की जरूरत है जिसने देश के संवैधानिक और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को ध्वस्त कर दिया है. एनडीए इसलिए कामयाब है क्योंकि विपक्ष एकजुट नहीं है. संकट की इस घड़ी में पार्टी में बड़े पैमाने पर फेरबदल की मांग का यह उचित समय नहीं है. इस तरह के कदम पार्टी और राष्ट्र के हितों के लिए नुकसानदायक साबित होंगे.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने कहा कि जो भी मुद्दे उठाए गए हैं वो सोनिया गांधी के नेतृत्व में ही सुलझाए जाएं. जिन्होंने मुश्किल समय में भी पार्टी को संभाले रखा. एक साल पहले ही पार्टी के लोगों ने सोनिया गांधी से अध्यक्ष पद संभालने के लिए मिन्नतें की थी और उन्होंने इसे अपना कर्तव्य समझा और राजी हो गईं. इसलिए इस अवस्था में उनपर किसी तरह का सवाल खड़ा करना ठीक नहीं होगा.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘कांग्रेस पार्टी ने अनेक संकटों को अपने संघर्ष से परास्त किया है. आज जब देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था खतरे में है, ऐसे वक्त में सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नेतृत्व ही समस्त देशवासियों और असंख्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं का बल है.’

कांग्रेस नेता उदित राज ने राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बिठाए जाने का समर्थन करते हुए कहा कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद के लिए सबसे सक्षम नेता हैं. बीजेपी और आरएसएस ने उनकी जो छवि बनाई है वो एकदम अलग है. पिछले छह महीनों में उन्होंने कोरोना, बेरजोगारी, तुरंत लॉकडाउन लगाए जाने, टेस्टिंग बढ़ाने, चीन और इकोनॉमी को लेकर जो भी कहा है वो हुआ है.

वहीं कांग्रेस नेता और मुंबई के पूर्व सांसद संजय निरुपम ने सोनिया गांधी को लिखी 23 सीनियर नेताओं की चिट्ठी को राहुल गांधी के खिलाफ षड्यंत्र करार दिया है. निरुपम ने कहा कि यह सबकुछ राहुल गांधी को अध्यक्ष पद से हटाने की साजिश है. पहले यही षड्यंत्र बंद कमरों में रचा जाता था, अब एक पत्र में उभर कर आया है.

बता दें, लंबे समय से कांग्रेस में संगठन के स्तर पर बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए कांग्रेस दो धड़ों में बंटी दिख रही है. एक धड़ा पार्टी नेतृत्व सहित संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव की मांग कर रहा है तो एक गुट ने गांधी परिवार को चुनौती देने को गलत बता रहा है.

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