अधीर रंजन चौधरी बने बंगाल कांग्रेस के नए अध्यक्ष

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कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को पश्चिम बंगाल इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी की पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्‍ति‍ तत्काल प्रभाव से की है। कांग्रेस ल की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा की गई है। हाल ही में पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोमेन मित्रा के निधन से यह पद खाली हो गया था।

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चौधरी को पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष तत्काल प्रभाव से नियुक्त किया है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता चौधरी इससे पहले भी फरवरी 2014 से सितंबर 2018 तक पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं।

बंगाली परिवार में 2 अप्रैल 1956 को पैदा हुए, अधीर रंजन चौधरी भारत की 16 वीं लोक सभा के सदस्य हैं और पश्चिम बंगाल के बेरहमपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह 1996 में विधायक बने। 1999 में, वह संसद सदस्य बने। जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जिला परिषद चुनाव में पार्टी की जीत और मुर्शिदाबाद जिले के विभिन्न नगर पालिका के चुनावों में जीत दिलाने वाले एकमात्र व्यक्ति अधीर थे।

हर किसी को आश्चर्य हुआ जब चौधरी ने बेरहमपुर लोकसभा सीट जीती क्योंकि कोई भी उनकी जीत की उम्मीद नहीं कर रहा था, क्योंकि 1951 से कांग्रेस द्वारा इसे जीता नहीं गया था और वह आरएसपी गढ़ था।

उन्होंने 1999 से लगातार बेरहमपुर लोकसभा सीट जीती है। उन्होंने 2004 में मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर संसदीय क्षेत्र से प्रणव मुखर्जी के चुनाव अभियानों में भाग लिया और 2009 में भी पहल की थी। उन्हें प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह के कैबिनेट में 28 अक्टूबर 2012 को रेलवे राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया था।

कुछ दिन पहले ही बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को बनाने का अनुरोध किया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में जो दावेदार माने जा रहे थे उसमें लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी के साथ पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य, अब्दुल मन्नान, नेपाल भट्टाचार्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री दीपा दासमुंशी के नाम शामिल थे। हालांकि कांग्रेस आलाकमान ने अंततः अधीर रंजन चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान सौंप दी।

चौधरी के लिए नई जिम्मेदारी इस मायने में भी महत्वपूर्ण है क्‍योंकि पश्चिम बंगाल में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। बंगाल में कांग्रेस के सामने अपनी प्रत‍िष्‍ठा बचाने की चुनौती है जिसके लिए अधीर रंजन चौधरी मजबूती से लड़ सकते हैं। अधीर रंजन चौधरी की बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हमेशा आर-पार की लड़ाई रही है।

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