किसान आंदोलन के बीच सोनिया गांधी ने पार्टी के प्रमुख नेताओं के संग किया विचार विमर्श

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केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ जहां एक तरफ लगभग 46 दिन से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं तो वही देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस नेता लगातार कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर हमलावर हैं।

किसानों और सरकार के बीच शुक्रवार को आठवें दौर की भी वार्ता विफल होने के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को पार्टी के सभी महासचिवों और प्रभारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य और किसानों के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई।

इस बैठक में सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी.वेणुगोपाल के अलावा, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, राजीव सातवाल, मनिकम टैगोर, तारिक अनवर, प्रियंका गांधी वाड्रा, जितिन प्रसाद, पवन बंसल, राजीव शुक्ला, भक्त चरण दास, अजय माकन, पी.एल.पुनिया समेत कई अन्य नेता शामिल हुए।

इससे पहले प्रियंका गांधी पंजाब के उन सांसदों और विधायकों से मिली थी जो 32 दिनों से किसानों के समर्थन में धरना दे रहे हैं।

इस दौरान प्रियंका ने कहा था कि वे कांग्रेस किसान संघों की मांग का पूरे दिल से समर्थन करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम पीछे नहीं हटेंगे, इस गतिरोध का एकमात्र समाधान यह है कि सरकार को तीनों कृषि कानूनों को निरस्त कर देना चाहिए।

गौरतलब है कि कृषि कानूनों के निरस्त करने की मांग कर रहे हजारों किसान पिछले 46 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। गतिरोध को तोड़ने के लिए किसान संगठनों और सरकार के बीच अब तक आठ दौर की बातचीत हो चुकी है, जिसमें कोई हल नहीं निकल सका है।

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