राहुल गांधी को पुनः अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने प्रस्ताव पारित किया

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युवा कांग्रेस, NSUI और कई राज्य की प्रदेश कांग्रेस के बाद अब पार्टी की अनुसूचित जाति विभाग ने भी एक प्रस्ताव पारित कर कहा कि राहुल गांधी को एक बार फिर से पार्टी का अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।

अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितिन राउत की अध्यक्षता में हुई संगठन की बैठक में ये प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की बैठक में ये फैसला भी किया गया कि दलित एवं वंचित समुदाय के लोगों को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने और भेदभाव के खिलाफ लड़ाई को मजबूती देने के मकसद से समता चेतना वर्ष अभियान की शुरुआत की जाएगी.

कांग्रेस के अनुसूचित विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अनुसूचित जाति विभाग ने 75वें स्वतंत्रता वर्ष के दौरान पूरे भारत में राष्ट्रीय-राज्य-जिला स्तर पर विभिन गतिविधियों को शुरू करने के लिए एक वार्षिक कार्यक्रम समता चेतना वर्ष भी शुरू किया. इस कार्यक्रम के माध्यम से अनुसूचित जाति विभाग भारत के लोगों को बाबासाहेब आंबेडकर के कथनों एवं चेतावनियों के बारे में याद दिलाएगा. संगठन ने कहा कि अनुसूचित जाति विभाग दलित युवाओं को प्रेरित करने की दिशा में भी काम करेगा और जाति-आधारित भेदभाव को समाप्त करने और दलितों और अन्य हाशिए के समुदायों के संवैधानिक अधिकारों के लिए एक आंदोलन शुरू करेगा. समता चेतना वर्ष कार्यक्रम का समापन भारत की स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने पर यानि 15 अगस्त 2022 को होगा.

इससे पहले भारतीय युवा कांग्रेस ने गोवा में अपनी एक बैठक में प्रस्ताव पारित कर कहा था कि राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपी जानी चाहिए। इसके बाद कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने भी राहुल गांधी को पार्टी प्रमुख के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा। अपनी दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी ‘संकल्प’ में एनएसयूआई ने एक स्वर में संकल्प लिया और प्रस्ताव पारित किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अगला अध्यक्ष नियुक्त किया जाना चाहिए।

एनएसयूआई ने कहा कि राहुल गांधी सबसे अग्रणी और ईमानदार नेता हैं जिन्होंने एक स्टैंड लिया और छात्रों की बेहतरी के लिए उनकी आवाज को मजबूत किया. साथ ही उनके मुद्दों को उठाकर पर्याप्त समर्थन हासिल करने में मदद की. उन्होंने लोकतंत्र व पारदर्शिता की लड़ाई लड़ने के लिए न्याय का सहारा लिया है।

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