हम ये कहें कि पूंजीपतियों के षड्यंत्र और मीडिया की चालबाजी का शिकार किसी भी भारतीय नेता बनाया गया है तो वो नाम राहुल गाँधी का है।
राहुल गाँधी के खिलाफ पूंजीवादी मीडिया ने जिस तरह से प्रोपगंडा चलाया और उनके छवि को धूमिल किया उसी का नतीजा था कि 2014 में नरेंद्र मोदी भारत के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे अन्यथा जिन्होने 2006 से 2011की राजनीति पर नजर बनाई होगी उसे अब भी याद होगा कि राहुल ने देश को उन मुद्दे को बहुत पहले उठाया था जिसके सहारे मोदी और केजरीवाल ने कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया। अगर कहा जाए कि राहुल की योजनाओं और विचारों को चोरी करके मोदी और केजरीवाल सहित अखिलेश यादव ने अपनी राजनीति को चमकाया तो गलत नही होगा।
राहुल ने 2004 में राजनीति में आने के बाद 2 साल पहले इसे समझा और फिर 2006 से देश मे बदलाव लाने के लिये देश के हर क्षेत्र में दौरा करके उनके हालो को जाना और अपनी सरकार से बात कर कई तरह के अधिकार उन्हें दिये जिसका फायदा कांग्रेस को 2009 में हुआ और कांग्रेस 1990 के बाद पहली बार 200 से अधिक लोकसभा सीट में जीत दर्ज की।
राहुल की बढ़ती लोकप्रियता और युवाओ मे राहुल के कारण बढ़ती राजनैतिक दिलचस्पी को देखकर पूंजीपति वर्ग , आरएसएस और देशविरोधी ताकतों मे बेचैनी बढ़ने लगी जिसको धूमिल करने के लिये पूँजीवादी लोगो ने मीडिया के माध्यम से राहुल पर हमला किया और उनकी छवि को धूमिल किया इसमें कही न कही कांग्रेस के कुछ नेताओं का भी योगदान रहा जो राहुल और कांग्रेस सहित देश के बारे में अनर्गल बयानबाजी करते थे।
2014 के आमचुनाव के दौरान मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से राहुल के खिलाफ झूठा, आपत्तिजनक और अश्लीलता पूर्ण प्रचार किया गया जो आरएसएस जैसे संस्थानों की सोच थी।
2014 में कांग्रेस के हारने के बाद 3 साल तक लगातार राहुल ने सँघर्ष करते हुए पार्टी और पार्टी के बाहर लोगो के बीच कांग्रेस को स्थापित करने का प्रयास की मगर उन्हें वैसी सफलता नही मिली जैसी सफलता उन्हें गुजरात चुनाव और अध्यक्ष बनने के बाद मिल रही है।
राहुल ने बदलाव के इस दौर पर देश को नया सन्देश दिया है कि चाहे उनका विपक्ष कितना भी झूठा,चालबाज और नीच हो मगर वो सत्य और सादगी के साथ उनको हरायेंगे क्योंकि सत्य ही भारत की ताकत है। उनका हौसला लगतार बढ़ रहा है जिससे मोदी सरकार की परेशानी कही न कही बढ़ रही है जिस कारण से जो पहले कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते थे अब वो कांग्रेस की बातों को आगे बढ़कर सवाल-जबाब कर रहे हैं।
राहुल को इसी तरह सत्य के साथ आगे बढ़ता रहना चाहिये जिससे लोगो को एक वर्तमान सरकार से अलग एक नई उम्मीद की किरण दिखे।

































































बहुत बढ़िया। इसमें आंकड़े और तथ्य और जोड़ो