जम्मू और कश्मीर में भाजपा नेताओं की और से कथित तौर पर पत्रकारों को खरीदने की कोशिश की गई है। 

वोटिंग से ठीक पहले जम्मू और कश्मीर में भाजपा नेताओं की और से कथित तौर पर पत्रकारों को खरीदने की कोशिश की गई है। जोकी सरासर गलत है।
लेह में प्रेस क्लब ने इस बात की शिकायत निर्वाचन आयोग से की है।

लेह प्रेस क्लब के मुताबिक बीजेपी ने क्लब के सदस्यों को ‘पैसों से भरे लिफाफों’ की पेशकश कर रिश्वत देने की कोशिश की। लेह प्रेस क्लब के इस आरोप के बाद घमासान मच गया है। एक तरफ भाजपा ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि आरोप ‘राजनीति से प्रेरित’ हैं। तो दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी को घेरते हुए चुनाव आयोग और जम्मू-कश्मीर पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।

लेह के डिप्टी कमिश्नर ने बताया हा हमें शिकायत मिली है। हम इस मामले की पड़ताल कर रहे हैं। यदि जरूरत पड़ी तो हम इस मामले में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराएंगे। ‘ यह गैर-संज्ञेय अपराध है और इसमें कोर्ट की तरफ से एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

लेह प्रेस क्लब का पत्र सामने आने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने धमकी दी कि यदि प्रेस क्लब सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता तो मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘भाजपा इस तरह के आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर प्रेस क्लब सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता तो वह उच्च न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर करेगी।”

लेह प्रेस क्लब के सदस्य रिंचेन एंगमो ने कहा कि भाजपा ने कथित रूप से उन्हें व अन्य तीन पत्रकारों को रिश्वत देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब ने पुलिस के पास भी शिकायत दर्ज करा दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने लेह प्रेस क्लब की शिकायत के पत्र को ट्वीट किया।

रवींद्र रैना ने कहा कि आरोप निराधार और दुष्प्रचार हैं तथा यह ‘राजनीति से प्रेरित कदम’ है। दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लेह प्रेस क्लब का पत्र शेयर करते हुए इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और जम्मू-कश्मीर पुलिस को लेह प्रेस क्लब के पत्र का संज्ञान लेना चाहिए।

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