महिला डॉक्टर ने कोरोना मरीजों के सेवा के लिए टाल दी शादी तो प्रियंका गांधी ने पत्र लिखकर कि प्रशंसा

उत्तरप्रदेश के गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज की सर्जरी विभाग की 26 वर्षीय जूनियर डॉक्टर हर्षिता द्विवेदी ने सेवा परमो धर्मः इस कथन को बिल्कुल सही साबित कर दिखाया है। हर्षिता ने मरीजों की सेवा के लिए अपनी शादी टाल दी।

दरअसल, गत 30 अप्रैल को हर्षिता द्विवेदी का विवाह तय हुआ था। लेकिन सामने आए कोरोना संकट के चलते उन्होंने मरीजों के प्रति अपने दायित्व को प्राथमिकता दी और कालेज के कोविड वार्ड में जाकर मोर्चा संभाल लिया। इस बात के लिए हर तरफ हर्षिता की प्रशंसा हो रही है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी एक पत्र लिखकर डॉक्टर हर्षिता के इस अद्भुत फैसले की प्रशंसा की है।

प्रियंका गांधी ने इस पत्र में लिखा कि इस आपदा के समय जिस सेवा भाव से आप मानवीय संवेदना के साथ कोरोना मरीजों की सेवा के लिए अपनी शादी को टालना एवं उनके प्रति अपने दायित्व को प्राथमिकता दी, वो अपने आप में अनुकरणीय एवं सराहनीय है। इस आपदा के समय आपका सेवा भाव करोड़ों के लिए प्रेरणा का काम करेगा। अपना ख्याल रखिए।

बता दें कि डॉक्टर हर्षिता गोरखपुर गोला विकास खंड के पूर्व ब्लाक प्रमुख डा. विजयानंद तिवारी की पौत्री व व्यापारी संतकुमार धर द्विवेदी की पुत्री हैं। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस से की है। परिवार के लोग चाहते थे कि उनकी तय समय पर शादी हो जाए, लेकिन डा. हर्षिता इसके लिए तैयार नहीं हुईं, उन्होंने कोविड वार्ड में ड्यूटी को प्राथमिकता दी।

उन्होंने कहा कि इस समय लोगों की खुशियां दांव पर लगी हैं। ऐसे समय एक डॉक्टर होने के कारण मरीजों की सेवा की जिम्मेदारी मेरे लिए प्रमुख है। जब तक कोरोना पीड़ित लोग ठीक होकर अपने घर वापस नहीं जाते, मुझे भी किसी तरह की खुशी मनाने के कोई हक नहीं है। इसलिए शादी की जगह मैंने मरीजों का इलाज करना तय किया। शादी तो कभी हो सकती है पर किसी की जिंदगी चली जाएगी तो दोबारा नहीं मिलेगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल को डॉक्टर हर्षिता द्विवेदी की शादी होनी थी लेकिन कोरोना मरीजों के इलाज को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने इसे टाल दिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने अपने कुछ साथियों के साथ डॉक्टर हर्षिता द्विवेदी के घर पहुंचकर प्रियंका गांधी का यह पत्र उन्हें सौंपा।

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