कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव की रूपरेखा तैयार, CWC मीटिंग के बाद पार्टी ने बताया कब शुरू होगी चुनाव की प्रक्रिया

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आज कांग्रेस कार्य समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई इस बैठक में लंबे समय से संगठनात्मक चुनाव की मांग पर मुहर लग गया। इस बैठक में पार्टी के कुल 52 कांग्रेस नेता शामिल हुए।

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी ने अहम एलान किया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि नए कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव 21 अगस्त 2022 से 20 सितंबर 2022 के बीच होगा। इसके साथ ही वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस में बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जाएगा।

वेणुगोपाल ने कहा कि हम कांग्रेस में नीचे से शीर्ष तक बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने जा रहे हैं। सभी स्तरों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, नीतियों, चुनाव प्रबंधन, मौजूदा सरकार की असफलता और प्रोपगैंडा से लड़ने को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात, महंगाई और कृषि संकट व किसानों पर हो रहे हमले पर तीन प्रस्ताव पारित किए गए।

इसके अलावा वेणुगोपाल ने बताया कि सीडब्ल्यूसी ने संगठनात्मक चुनाव शेड्यूल को भी मंजूरी दे दी। संगठनात्मक चुनाव के लिए नामांकन एक नवंबर से 31 मार्च तक होंगे, जिला कांग्रेस कमेटी 31 मार्च तक प्रारंभिक सूची प्रकाशित करेगी। साथ ही वेणुगोपाल ने बताया कि 14 नवंबर से 29 नवंबर तक देश में जमीनी स्तर पर महंगाई को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।

इस बैठक में सोनिया गांधी नाराजी भरे लहजे में कही की अगर आप मुझे ऐसा कहने की अनुमति देते हैं तो मैं कहती हूं कि मैं ही कांग्रेस की फुल टाइम अध्यक्ष हूं, मेरे लिए मीडिया के जरिये बात करने की जरूरत नहीं है। सोनिया ने कहा कि हमने कभी भी लोक महत्व के मुद्दों पर टिप्पणी करने से इनकार नहीं किया। पार्टी में संगठन चुनाव पर सोनिया ने कहा कि संगठन चुनाव का पूरा खाका आपके सामने आ रहा है। बता दें कि कुछ ही दिन पहले कपिल सिब्बल ने कहा था कि कांग्रेस के फैसले कौन लेता है ये उन्हें समझ में नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि वह जानती हैं कि वह अंतरिम अध्यक्ष हैं वह पहले ही चुनाव करवाना चाहती थी लेकिन कोरोना के चलते चुनाव नहीं करवा पाए। इसी बीच कांग्रेस संगठन चुनाव की तारीख का ऐलान हुआ बता दें कि 1 नवम्बर से चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।

जी-23 की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा साफगोई की सराहना की है। मीडिया के माध्यम से मुझसे बात करने की कोई जरूरत नहीं है. तो आइए हम सभी एक स्वतंत्र और ईमानदार चर्चा करें, लेकिन इस कमरे की चारदीवारी के बाहर क्या संदेश दिया जाना चाहिए, यह सीडब्ल्यूसी का सामूहिक निर्णय है।

सोनिया गांधी ने देश के आर्थिक हालात पर भी चिंता जताई
सोनिया गांधी ने देश के आर्थिक हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रचारतंत्र के हमें विश्वास दिलाने की कोशिशों के बावजूद अर्थव्यवस्था बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है, जैसा कि हम सभी जानते हैं, आर्थिक सुधार के लिए सरकार के पास केवल राष्ट्रीय संपत्ति को बेचने का ही जवाब है। उन्होंने लखीमपुर में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा की आलोचना की, जिसमें चार किसानों सहित आठ की मौत हो गई। लखीमपुर-खीरी की चौंकाने वाली घटनाएं भाजपा की मानसिकता को दिखाती हैं कि वह किसान आंदोलन को कैसे देखती है और अपनी जिंदगी और जीवनयापन को बचाने का दृढ़ संकल्प लेने वाले किसानों से कैसे निपटती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here