वरुण गांधी ने कहा लखीमपुर हिंसा को हिन्दू VS सिख की लड़ाई बनाने की हो रही है कोशिश

लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाया है कि लखीमपुर खीरी घटना को राष्ट्रव्यापी हिंसा में बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा हिंसा की घटना को हिन्दू बनाम सिख बनाए जाने की कोशिश की जा रही है।

इसको लेकर वरुण गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि लखीमपुर खीरी को हिंदू बनाम सिख लड़ाई में बदलने की कोशिश की जा रही है। यह न केवल एक अनैतिक और झूठा आख्यान है बल्कि इन फॉल्ट-लाइन्स को बनाना और उन घावों को फिर से कुरेदना खतरनाक है जिसे ठीक करने में एक पीढ़ी लग गई। हमें राष्ट्रीय एकता से ऊपर राजनीतिक लाभ नहीं रखना चाहिए।

वरूण गांधी किसानों के मुद्दे पर लगातार अपनी राय रख रहे हैं। लखीमपुर खीरी में पिछले दिनों हुई हिंसा को लेकर भी उन्होंने वीडियो साझा किए थे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

गौरतलब है कि इससे पहले वरुण गांधी ने लखीमपुर खीरी की घटना के संदर्भ में सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। इतना ही नहीं वरुण गांधी उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए भी सरकार से अपील कर चुके हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में किसानों को राहत देने की मांग करते हुए वरुण गांधी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा था। जिसमें उन्होंने गन्ने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि करने, गेहूं और धान की सरकारी खरीद पर बोनस देने, प्रधानमंत्री किसान योजना की राशि दोगुनी करने और डीजल पर सब्सिडी देने की मांग की है।

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी और पीलीभीत समेत तराई पट्टी में सिख किसानों की अच्छी खासी आबादी है और इस इलाके को मिनी पंजाब भी कहा जाता है। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के निर्वाचन क्षेत्र में उप मुख्यमंत्री मौर्य के दौरे का विरोध कर रहे किसानों में ज्यादातर सिख समुदाय के ही थे।

लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और तराई पट्टी के आसपास के जिलों के सिख किसान तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन में खासे सक्रिय हैं। लखीमपुर खीरी की घटना के बाद यह सिख किसान राजनीतिक दलों के लिए सियासी लिहाज से महत्वपूर्ण हो गए हैं।

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को लेकर भी वरूण गांधी का रुख भाजपा को असहज स्थिति में डालता रहा है। माना जा रहा है कि इसी वजह से हाल ही में भाजपा की नवगठित राष्ट्रीय कार्यसमिति से वरूण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी को बाहर किया गया था।

इससे पहले, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने वरूण गांधी को बुलाकर बातचीत की थी।

”इंडिया टूडे” के एक कार्यक्रम में वरूण गांधी के रुख को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए नड्डा ने कहा था, ”हमने उनको बुलाया था और बात की है। आगे चलकर उसके अच्छे नतीजे आएंगे। ठीक रहेगा सबकुछ।”

हालांकि, नड्डा के इस बयान के बावजूद वरूण गांधी ने लखीमपुर की घटना को लेकर रविवार को गंभीर सवाल उठाए हैं।

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