प्रियंका गांधी का यूपी चुनाव को लेकर नया दांव, BJP और BSP की मुश्किल बढ़ी

कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने आगरा में वाल्मीकि समाज के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इसके राजनीतिक निहितार्थ लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह कार्यक्रम पहले से तय नहीं था।

आगरा में प्रशासनिक अधिकारियों को भी वाल्मीकि समाज से प्रियंका की बैठक के बारे में कोई सूचना नहीं थी। जब तक यह सूचना बीजेपी के स्थानीय नेताओं तक पहुंचती, तब तक देर हो चुकी थी।

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 का परिणाम जो भी हो लेकिन प्रियंका सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी और बीएसपी की मुश्किलें बढ़ाती जा रही हैं।

प्रियंका फिरोजबाद में महिलाओं के कार्यक्रम में पहुंचीं जहां उन्होंने लड़की हूं लड़ सकती हूं कार्यक्रम के तहत महिलाओं को शपथ दिलाई। इसके बाद वो एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए आगरा रवाना हो गईं।

वहां उन्होंने सुभाष पार्क वाले वाल्मीकि मंदिर में पहले दर्शन किए, फिर वाल्मीकि समाज के चौधरियों की बैठक बुलाई गई। इस बैठक की पहल वाल्मीकि समाज की ओर से ही हुई थी।

सुभाष पार्क चौराहा का वाल्मीकि मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। यहां वाल्मीकि वाटिका में उन्होंने बैठक में हिस्सा लिया। प्रियंका ने बैठक में वाल्मीकि समाज के तख्त चौधरियों से वो नाम मांगे, जिन्हें पार्टी अगले चुनाव में टिकट देकर मैदान में उतारेगी।

प्रियंका ने समाज के लोगों से कहा कि जब तक वे राजनीति में नहीं उतरेंगे, तब उन्हें वाजिब हक नहीं मिलेगा।

कुछ दिनों पहले आगरा में वाल्मीकि समाज के युवक की हत्या हुई थी। उसमें पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। प्रियंका पीड़ित परिवार से मिलने गईं तो यूपी सरकार ने उनका रास्ता रोका। कांग्रेसियों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया। सरकार को मिलने की अनुमति देनी पड़ी।

उसी समय से वाल्मीकि समाज के युवा नेता प्रियंका के संपर्क में आ गए थे। उन्होंने ही बैठक में प्रियंका को आमंत्रित किया था। आज वो फिर उस परिवार से मिलीं, जिनके युवक की हत्या की गई थी।

आगरा मंडल में वाल्मीकि समाज पर बीजेपी का काफी प्रभाव है। पहले यह बीएसपी का गढ़ हुआ करता था। प्रियंका ने उस समीकरण को बदलने की कोशिश की है। उसी सिलसिले में बैठक बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वाल्मीकि समाज के चौधरियों ने प्रियंका को वचन दिया है कि यूपी में जहां-जहां उनकी रिश्तेदारियां हैं, वहां-वहां वो संदेश भेजकर कांग्रेस से जुड़ने के लिए कहेंगे।

हाल ही में प्रियंका के तमाम कार्यक्रमों से बीजेपी को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। प्रियंका ने जिस तरह से महिलाओं को लेकर विभिन्न आयोजन किये, उससे बीजेपी को भी महिलाओं को लेकर कार्यक्रम आयोजित करने पड़े। प्रधानमंत्री मोदी खुद भी ऐसे ही एक कार्यक्रम में प्रयागराज और वाराणसी पहुंचे।

इसी तरह जगह-जगह कांग्रेस लड़कियों की मैराथन का आयोजन कर रही है। इससे भी बीजेपी चिन्तित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके जवाब में छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फोन और टैबलेट बांटना पड़ी।

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