लखीमपुर खीरी की रिपोर्ट आने के बाद बढ़ी बीजेपी की मुश्किल, राहुल-प्रियंका ने बोला हमला

उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में 5,000 पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी के रूप में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को नामित किया है।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद एक बार कांग्रेस बीजेपी और गृह राज्यमंत्री टेनी पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने सिलसिलेवार ढंग से हमला बोला है।

राहुल ने टेनि को बर्खास्त करने की मांग करते हुए अपने ट्वीट में लिखा “5000 पेज वाली चार्जशीट का सच पूरे देश ने वीडियो के रूप में देखा है फिर भी मोदी सरकार आरोपियों को बचाने में लगी है। भारत गवाह है!टेनिकोबर्खास्त_करो। “

जबकि प्रियंका ने कहा कि PM मोदी भक्षक के साथ खड़े हैं और इसलिए टेनि तक जांच की आंच नही पहुंच रही है। प्रियंका ने अपने ट्वीट में लिखा “झूठी माफी और कानून वापस लेने जैसे चुनावी कदम भी मोदी जी की किसान विरोधी सोच को ढक नहीं सकते। वे रक्षक के पद पर हैं, लेकिन भक्षक के साथ खड़े हैं। लखीमपुर खीरी नरसंहार मामले की चार्जशीट में भी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे ही किसानों को कुचलने की घटना के मुख्य आरोपी हैं। लेकिन मोदी जी के सरंक्षण के चलते मंत्री अजय मिश्रा टेनी पर जांच की आंच तक नहीं आई और वे अपने पद पर बने हुए हैं। टेनीकोबर्खास्त_करो।

गौरतल है कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा लखीमपुर की यात्रा से पहले किसानों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं के बीच विरोध और हिंसा के बाद 3 अक्टूबर को आठ लोगों की मौत हो गई थी।

मरने वालों में 4 कार सवार लोग थे, जो यूपी के मंत्री का स्वागत करने आए भाजपा कार्यकर्ताओं के काफिले का हिस्सा थे, 4 अन्य किसान थे। लखीमपुर खीरी हिंसा कांड की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गयी थी। मिली जानकारी के मुताबिक आरोप पत्र में पुलिस ने कहा कि उन्होंने जांच के दौरान पाया कि आशीष मिश्रा उस समय घटनास्थल पर ही मौजूद थे जब इस हिंसा को अंजाम दिया गया था। चार्जशीट में आशीष मिश्रा के एक रिश्तेदार को भी आरोपी बनाया गया है।

बता दें कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने पहले यह साबित करने के लिए 10 लोगों के वीडियो और हलफनामे प्रस्तुत किए थे कि वह लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचलने वाली कार के अंदर नहीं थे। धीरेंद्र शुक्ला नाम के शख्स पर सबूत छिपाने का आरोप लगा है। जिस दिन लखीमपुर खीरी में रैली के दौरान 4 किसानों को कारों ने कुचल दिया, उस दिन आशीष मिश्रा की कार के पीछे उनकी एसयूवी थी। धीरेंद्र ने इस बात को छुपाया था।

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