राहुल गांधी ने कहा PM मोदी अपने मित्रों को ताकतवर और जनता को कमजोर बना रहे हैं

कांग्रेस ने देश में अरबपतियों की संपत्ति बढ़ने संबंधी एक रिपोर्ट को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार ने महामारी के समय अपने ‘मित्र’ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया और आम लोगों को कोई राहत नहीं दी।

विपक्षी पार्टी ने सरकार से यह आग्रह किया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम की जाएं और आवश्यक वस्तुओं पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर घटाई जाए।

आर्थिक असमानता पर ऑक्सफैम की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के अरबपतियों की कुल संपत्ति बढ़कर दोगुने से अधिक हो गई और 10 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति 25 साल तक देश के हर बच्चे को स्कूली शिक्षा एवं उच्च शिक्षा देने के लिए पर्याप्त है।

इस अध्ययन के मुताबिक, इस दौरान भारत में अरबपतियों की संख्या 39 प्रतिशत बढ़कर 142 हो गई।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ”अपने मित्रों के लिए प्रधानमंत्री दौलत की ताक़त बनाते जा रहे हैं और जनता को टैक्स व बेरोज़गारी से कमज़ोर करते जा रहे हैं। क्या विश्व आर्थिक मंच में इन आंकड़ों की चर्चा भी होगी? होनी चाहिए!”

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ”आय का इतना भेदभाव किसी भी प्रजातांत्रिक देश के लिए ख़तरनाक है। ये है मोदी जी का भारत! गांधी जी के सपनों का देश नहीं!”

पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, ”इस सरकार के लिए यह कहना पूरी तरह उचित रहेगा कि अमीरों का विकास, गरीबों का नहीं दो साथ, अब मोदी जी पर नहीं रहा, देश की जनता का विश्वास।”

उन्होंने कहा, ”ऑक्सफैम की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी खामोश हैं। शायद वित्त मंत्री को पता भी नहीं होगा कि ऐसी कोई रिपोर्ट आई है….यह सरकार कहती है कि अर्थव्यवस्था पटरी पर आ चुकी है। सच्चाई यह है कि अर्थव्यवस्था पटरी पर नहीं आई है, बल्कि अरबपतियों की संख्या बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महामारी के समय कॉरपोरेट कर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया।

वल्लभ ने सवाल किया, ”मोदी जी, आपके पास कौन सा फॉर्मूला है कि आपदा के समय आपके मित्रों की आय दोगुनी बढ़ जाती है, जबकि देश के 84 प्रतिशत लोगों की आय घट जाती है? लोगों के खातों में सीधे पैसे क्यों नहीं भेजे? आपने आपदा में कॉरपोरेट कर घटा दिया, लेकिन मध्यम आय वर्ग के लोगों को राहत क्यों नहीं दी?”

उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत घटाई जाए और जरूरी वस्तुओं पर लगने वाली जीएसटी की दरों को कम किया जाए।

ऑक्सफैम की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 142 भारतीय अरबपतियों के पास कुल 719 अरब अमेरिकी डॉलर (53 लाख करोड़ रुपये से अधिक) की संपत्ति है। देश के सबसे अमीर 98 लोगों की कुल संपत्ति, सबसे गरीब 55.5 करोड़ लोगों की कुल संपत्ति के बराबर है।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि 10 सबसे अमीर भारतीय अरबपतियों को प्रतिदिन 10 लाख अमेरिकी डॉलर खर्च करने हों, तो उनकी वर्तमान संपत्ति 84 साल में खत्म होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here