जिसे संघ और BJP कहता है आतंक का गढ़ उसी जामिया से टॉपर सहित 23 छात्रों ने UPSC में लहराया परचम !

जिसे आरएसएस और बीजेपी से जुड़े लोग आतंकवादियों का गढ़ मानते हैं, लगातर गाली देते हैं और समझते हैं कि उस कोचिंग में पढ़ने वाले सभी छात्र आतंकी और दंगाई होते हैं, उन्हीं लोगों की सोच को यूपीएससी के रिजल्ट में झूठा साबित कर दिया है।

बता दें, सिविल सेवा परीक्षा 2021 का अंतिम नतीजा सोमवार को घोषित किया गया। जिसमें जामिया मिलिया इस्लामिया की कोचिंग से पढ़ी दिल्ली की श्रुति शर्मा यूपीएससी टॉपर घोषित की गई है। इसके साथ ही संघ के निशाने पर रहने वाले जामिया मिलिया इस्लामिया के 23 छात्रों ने यूपीएससी में सफलता हासिल की है। बता दें कि श्रुति शर्मा ने अखिल भारतीय रैंक (AIR 1) हासिल की है। अपनी कामयाबी पर श्रुति शर्मा ने कहा है कि उन्हें यूपीएससी परीक्षा पास करने का भरोसा था लेकिन मेरिट सूची में नंबर वन आना आश्चर्य के रूप में सामने आया है।

श्रुति शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट जेएनयू से करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा का प्रिय विषय इतिहास है उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन इतिहास में किया है। साथ ही जामिया मिल्लिया इस्लामिया रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी से पढ़कर यूपीएससी की टॉपर बनी है।

जामिया मिलिया इस्लामिया सेंट्रल यूनिवर्सिटी है। हाल के वर्षों में जामिया को बदनाम करने की नाकाम कोशिशें हुई। जामिया को मुस्लिम यूनिवर्सिटी कहकर भी प्रचारित किया जा रहा है लेकिन यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स में हिंदू बच्चों की संख्या मुस्लिम बच्चों के मुकाबले कम नहीं है। जामिया की आईएएस कोचिंग से निकलकर छात्र-छात्राएं कोई पहली बार यूपीएससी रैंकिंग में नहीं आए हैं। यहां के स्टूडेंट्स लगातार यूपीएससी में जगह बनाते रहे हैं। तमाम कोचिंग संस्थानों के मुकाबले जामिया की आईएएस कोचिंग एकदम अलग है, जिसका मकसद व्यवसायिक नहीं है।

इस साल यूपीएससी द्वारा नियुक्ति के लिए कुल 685 उम्मीदवारों की सिलेक्ट किया गया है। इनमें जनरल कैटेगरी के 244 ,ईडब्ल्यूएस के 73 , ओबीसी के 203, एससी के 105 और एसटी कैटेगरी के 60 के उम्मीदवार शामिल हैं। बता दें कि चयनित अभ्यर्थियों में से 177 यानि करीब 26 फीसदी बेटियां है। इस बार शीर्ष 25 में से 10 स्थान यानी 40 फीसदी पर बेटियों को सफलता मिली है।

वहीं 2010 में अपनी स्थापना के बाद आरसीए, जेएमआई ने 200 से अधिक सिविल सर्वेंट तैयार किए हैं। इसमें यूपीएससी की परीक्षाओं के माध्यम से आईएएस, आईएफएस, आईपीएस, आईआरटीएस आदि शामिल हैं। इसके अलावा, स्टेट लेवल की सिविल सेवाओं में एसडीएम और डीएसपी के रूप में अफसर दिए हैं। वहीं असिस्टेंट कमांडेंट (सीएपीएफ), आईबी, असिस्टेंट कमिश्नर और बैंक पी.ओ. भी बड़ी संख्या में इस कोचिंग से निकले हैं।

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