राज्यसभा चुनाव को लेकर सोनिया गांधी ने बैठक में लिया बड़ा फैसला, इन नेताओं का सदन जाना तय !

राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर शनिवार देर रात तक बैठकों का दौर जारी रहा. एक ओर जहां कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में उम्मीदवार का नाम तय कर लिया है, वहीं झारखंड को लेकर पेंच फंसा हुआ है.

इसी सिलसिले में हेमंत सोरेन के साथ सोनिया गांधी की देर रात बैठक चली. सूत्रों के मुताबिक हेमंत सोरेन सोनिया की मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच सहमति बन गई है। सोरेन ने झारखंड से कांग्रेस को राज्यसभा का समर्थन किया है. हालांकि, कांग्रेस ने अभी नाम का ऐलान नहीं किया है।

वहीं, कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में राज्यसभा के लिए उम्मीदवार का नाम तय कर दिया है. कांग्रेस की तरफ से एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा राज्यसभा भेजे जाएंगे.

गौरतलब है कि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, कर्नाटक तमिलनाडु से राज्य सभा भेजे जाने वाले नेताओं के नाम तय कर लिए हैं।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं. इसमें दो सीट भाजपा एक सीट कांग्रेस के खाते में जा रही हैं. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।

आपको बता दें कि विवेक तन्खा का कार्यकाल 29 जून को समाप्त हो रहा है. इसके साथ ही कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा के लिए दो उम्मीदवारों के नाम तय कर लिया गया है. कर्नाटक से जयराम रमेश तमिलनाडु से पी. चिदम्बर का चयन किया गया है।

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने शनिवार को कहा कि राज्यसभा चुनाव के संबंध में चर्चा हुई है. इसमें किसको नामित करना है, ये कांग्रेस अध्यक्ष का अधिकार है. इसलिए हम यहां आए वो इस पर निर्णय लेकर बताएंगी. वो जिसे भी चुनेंगी हमें वो स्वीकार है. 31 मई से पहले नाम पता चल जाएगा।

15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों के लिए होगा चुनाव
देश के 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी होगी. इसके साथ ही नामांकन दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. नामांकन 31 मई तक दाखिल किए जा सकेंगे. राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को अधिकतम 9 सीटें मिल सकती हैं. प्रत्याशियों के चयन में जितनी ज्यादा माथापच्ची भाजपा में देखने को मिल रही है, उससे ज्यादा परेशानी कांग्रेस के खेमे में नजर आ रही है. मध्य प्रदेश, राजस्थान छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सीटों के चुनावों में सीधी टक्कर भाजपा कांग्रेस के बीच में ही है।

1 COMMENT

  1. उच्च सदन में अधिकतम सीटों पर दलों को गरीब व अति गरीब व्यक्तियों को भेजने पर सोचना चाहिए क्योंकि हमारे देश में गरीब महंगे चुनाव लड़ने की सोच भी नहीं सकता तो फिर गरीबों का वास्तविक प्रतिनिधित्व कहां से होगा? राज्य सभा और विधान परिषदों के माध्यम से यह संभव हो सकता है।सभी राज्यों में विधान परिषद होनी चाहिए।

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