चिंतन शिविर में राहुल गांधी को लेकर होगा बड़ा फैसला, सबकी टिकी है राहुल पर निगाहें !

राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर शुरू होने जा रहा है। इस चिंतन शिविर में कांग्रेस की कार्यकारी अक्ष्यक्ष सोनिया गांधी के साथ पार्टी के शीर्ष नेता इकट्ठा होंगे।

शिविर में पार्टी के संगठन पर चर्चा होगी, साथ ही इस बात पर भी मंथन होगा कि कैसे भाजपा की चुनौती से 2024 में निपटा जाए। पार्टी के शीर्ष नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी को पार्टी के अध्यक्ष पद को स्वीकार करना चाहिए।

सूत्रों की मानें तो पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी को पार्टी के अध्यक्ष पद को स्वीकार करना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार राहुल पार्टी के अध्यक्ष पद को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

इसके बाद बैठक में एक प्रस्ताव भेजा गया कि पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए अगस्त-सितंबर माह में चुनाव कराए जाए। लेकिन इसके बाद यह फैसला लिया गया कि इस प्रक्रिया को और पहले करना चाहिए।

2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और सोनिया गांधी एक बार फिर से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बन गई थीं।

लेकिन उदयपुर में होने वाले चिंतन शिविर में माना जा रहा है कि पार्टी के अध्यक्ष पद को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में जिस तरह से कांग्रेस पार्टी को बुरी हार का सामना करना पड़ा उसपर भी इस चिंतन शिविर में मंथन हो सकता है। पिछले आठ सालों में हुए कई चुनावों में कांग्रेस पार्टी को बुरी हार का सामना करना पड़ा है। पंजाब जैसे कुछ अहम राज्यों से भी कांग्रेस की विदाई हुई है, जो कि पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

बता दें कि चिंतन शिविर सोनिया गांधी के शुरुआती भाषण से शुरू होगा और राहुल गांधी के भाषण के साथ खत्म होगा।

वहीं पार्टी के बागी नेताओं को उम्मीद है कि पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ सख्त फैसले लेगी। उन्हें इस बात का भरोसा है कि पार्टी एक परिवार में एक टिकट की नीति पर आगे बढ़ेगी, पिछले, कमजोर वर्ग के लोगों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाएगी।

चिंतन शिविर में राहुल गांधी का भाषण होगा और इस दौरान कई संकल्पों का भी ऐलान किया जाएगा। अहम बात यह है कि इस चिंतन शिविर में शामिल होने के लिए पार्टी के 60 नेता चेतक एक्सप्रेस से उदयपुर पहुंचेंगे। अहम बात यह है कि पार्टी के भीतर 19 साल के बाद यह चिंतन शिविर होने जा रहा है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा कि हमने जो मुद्दे उठाए हैं उम्मीद है कि उसपर निर्णय होगा, 19 साल के बाद पार्टी यह चिंतन शिविर करने जा रही है, यह अच्छी शुरुआत है, लोगों को अपनी राय रखने का मौका मिलना चाहिए। हमे उम्मीद है कि ऐसा ही होगा और 2024 के लिए पार्टी मजबूत होगी।

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