57 साल बाद कांग्रेस को इस जगह मिली जीत, सिंधिया के गढ़ में BJP हुई चारो खाने चित्त

ग्वालियर में कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सिकरवार ने जीत हासिल करके नगर निगम ग्वालियर की महापौर सीट पर 57 साल के बीजेपी के राज को खत्म कर दिया है।

शोभा सिकरवार नें बीजेपी की सुमन शर्मा को 28 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर कांग्रेस का परचम लहरा दिया है।

ग्वालियर में नगर निगम की मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सिकरवार ने पहले राउंड से ही बीजेपी प्रत्याशी सुमन शर्मा से बढ़त बना ली थी। ये बढ़त हर राउंड के साथ बढ़ती गई। कुल 35 राउंड में पूरी हुई मतगणना में कांग्रेस की शोभा सिकरवार ने बीजेपी प्रत्यासी को 28 हजार से ज्यादा वोट से पराजित कर दिया।

ग्वालियर नगर निगम सीट पर सीएम शिवराज सिंह समेत केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर आकर दो बार रोड शो किया और बीजेपी प्रत्याशी के लिए वोट मांगे। इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी गली गली जाकर चुनावी सभाएं की और रोड शो किया लेकिन जनता ने बीजेपी को बुरी तरह नकार दिया।

ग्वालियर नगर निगम की महापौर सीट पर बीजेपी पिछले 57 साल से काबिज थी। यहां बीजेपी का एकछत्र राज हो गया था लेकिन इस बार 57 साल की इस सत्ता को कांग्रेस की शोभा सिकरवार ने हथिया लिया है। शोभा सिकरवार ने बीजेपी के किले को ढहा दिया है और ग्वालियर नगर निगम पर कांग्रेस का परचम लहरा दिया है।

बीजेपी में जहां सीएम शिवराज सिंह ने दो-दो रोड़ शो करके बीजेपी के लिए वोट मांगे थे वहीं कमल नाथ के एक रोड शो ने ही कमाल कर दिया। कमल नाथ का एक रोड शो ही सीएम के दो रोड शो पर भारी पड़ गया। बीजेपी में स्टार प्रचारकों की लाईन लगी थी लेकिन कांग्रेस ने सिर्फ कमल नाथ के नाम पर पूरा चुनाव निकाल दिया और अंत में जीत भी हासिल कर ली।

बीजेपी ने जब महापौर का टिकट फाईनल किया था तो ये बात निकलकर सामने आई थी कि सिंधिया मायासिंह को टिकट दिलवाना चाहते थे लेकिन नरेन्द्र तोमर के आगे उनकी एक नहीं चली और सुमन शर्मा को टिकट दे दिया गया। इस खबर से सिंधिया खेमे में नाराजगी की भी खबरें सुनने को मिली थी।

बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा की नाराजगी भी बीजेपी को भारी पड़ गई। बीजेपी ने वचन पत्र जारी करते समय मंच पर अनूप मिश्रा को स्थान नहीं दिया था। इस वजह से अनूप मिश्रा नाराज होकर अपने घर चले गए थे। इसके बाद ब्राह्मण समाज ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

बीजेपी के कई नेता पार्षदी का टिकट नहीं मिलने से नाराज हो गए और बीजेपी प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर आए। इसका असर महापौर प्रत्याशी पर भी पड़ा और बीजेपी के खिलाफ माहौल बन गया। बीजेपी के हार की एक वजह ये भी निकलकर सामने आई है।

जनता के लिए बीजेपी प्रत्याशी सुमन शर्मा नया चेहरा थी जबकि शोभा सिकरवार पहले भी पार्षद रह चुकी है। इसके अलावा शोभा सिकरवार के पति सतीश सिंकरवार कांग्रेस से विधायक भी है। जनता में सतीश सिकरवार की पकड़ मजबूत है। इसका फायदा शोभा सिकरवार को मिला है।

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