आतंकियों ने की कांग्रेस सरपंच की हत्या, राहुल गांधी ने कहा- हिंसा कभी नहीं जीतेगी

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतकियों ने सोमवार शाम छह बजे अनंतनाग जिले के लारकीपुरा इलाके के सरपंच और कांग्रेस के सदस्य अजय पंडित की उनके गांव में हत्या कर दी।

उन्होंने कहा कि पंडित को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पंडित पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता थे। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है।

पुलिस ने बताया कि सरपंच अजय पंडिता के घर के पास ही आतंकियों ने उनपर गोली चलाई. उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उनकी मौत हो गई. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. साथ ही इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

वहीं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरपंच की हत्या पर अपनी संवेदना जाहिर करते हुए कहा कि अजय पंडिता ने कश्मीर में लोकतांत्रित व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी जान दे दी. इस दुख की घड़ी में मैं उनके परिवार और दोस्तों के साथ खड़ा हूं. हिंसा की कभी जीत नहीं हो सकती.

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के ट्विटर हैंडल से उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने इस घटना पर दुख जाहिर करते हुए लिखा है कि इस दौर में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की स्थिति बदतर हो गई है. एक तरफ सरकार के एक्शन का डर है तो दूसरी तरफ आतंकियों का।

पंडित 2018 में सरपंच चुनाव जीते थे। पंडिता को 2018 में सरपंच चुनाव जीतने के लिए 51 वोट मिले थे। उनके चचेरे भाई और प्रतिद्वंद्वी जो भाजपा के उम्मीदवार थे, उन्हें केवल 10 वोट मिले।

JKPCC प्रमुख गुलाम अहमद मीर ने कहा कि पंडिता पंडिता ने अधिकारियों से अपने स्तर पर सुरक्षा की मांग की थी। लेकिन मुझे लगता है, चूंकि वह भाजपा सरपंच नहीं थे, इसलिए उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई थी।

वहीं बीजेपी ने एक बयान जारी कर कहा कि हत्या पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों की जम्मू-कश्मीर में चल रही शांति प्रक्रिया को विफल करने का एक हताश प्रयास है।

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