कर्नाटक सरकार के खिलाफ बीजेपी विधायकों का बढ़ रहा असंतोष , कई विधायको ने की सिद्दारमैया से मुलाकात

कर्नाटक में राजनीतिक उथल-पुथल विधानसभा चुनाव के समाप्त होने के बाद ही हो गया था क्योंकि यहां किसी भी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिली थी।

जेडीएस और कांग्रेस ने गठबंधन कर सरकार तो बना लिया मगर यह सरकार अधिक दिन चला नहीं जिसके बाद कांग्रेस और जेडीएस से बगावत कर कई विधायक भाजपा में शामिल हो गए जो उपचुनाव के जरिए जीतकर भाजपा के विधायक बन गए जिसके बाद से राज्य में भाजपा की शासन व्यवस्था चल रही है।

मगर पिछले कई दिनों से यह खबर कर्नाटक की राजनीतिक गलियारों में घूम रही है कि भाजपा के कई पुराने विधायक भाजपा सरकार से बगावत कर अलग कार्यप्रणाली अपना रहे हैं ऐसे में कई बार दावा किया कि यह विधायक कांग्रेस नेताओं से भी मिले हैं।

इसी को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक में नेता विपक्ष सिद्धरमैया ने बुधवार को दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा में असंतोष जारी है क्योंकि पार्टी के कई विधायकों ने उनसे मुलाकात कर अपना ”असंतोष” साझा किया है।

नेता विपक्ष की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भाजपा विधायकों के एक तबके की बैठकों के चलते पार्टी में असंतोष के कयास लगाए जाने लगे हैं।

सिद्धरमैया के कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि नेता विपक्ष ने कोप्पल में संवाददाताओं के साथ बातचीत में भाजपा में असंतोष होने की बात कही। विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया, ”यह सच है कि भाजपा में असंतोष है और यह जारी रहेगा।

हम इससे जुड़ी किसी चीज में खुद को शामिल नहीं करेंगे और यदि सरकार अपने आप गिरती है तो तब देखते हैं।” उन्होंने यह भी कहा, ”भाजपा के कई असंतुष्ट विधायकों ने मुझसे मुलाकात की है और अपना असंतोष साझा किया है।”

कहा जा रहा है कि मंत्री पद पाने की कुछ वरिष्ठ विधायकों की आकांक्षा, आसन्न राज्यसभा और राज्य विधान परिषद के चुनावों के चलते भाजपा के भीतर राजनीतिक उठापटक हो रही है। एक दर्जन से अधिक विधायकों, खासकर उत्तर कर्नाटक से संबंध रखने वाले विधायकों ने गत गुरुवार को भोजन पर वरिष्ठ विधायक उमेश कट्टी के शहर स्थित आवास पर मुलाकात की। बैठक में कई विधायकों के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की कार्यशैली और उनके पुत्र बी वाई विजयेंद्र के प्रशासन में कथित हस्तक्षेप पर नाराजगी जताने की खबरों के बीच सिद्धरमैया ने कहा कि लोग विजयेंद्र को ”असंवैधानिक मुख्यमंत्री” कहते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, ”लोग कहते हैं कि विजयेंद्र असंवैधानिक मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे। येदियुरप्पा नाम मात्र के मुख्यमंत्री हैं, यह विजयेंद्र हैं जो चीजों को मंजूरी देते हैं।” सिद्धरमैया ने अपने और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार के बीच मतभेद की बात को खारिज करते हुए कहा कि उन दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं।

ग्राम पंचायत चुनाव स्थगित करने के राज्य निर्वाचन आयोग के निर्णय का विरोध करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस संबंध में अदालत से संपर्क करेगी।

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या फिर एक बार राजनीतिक उठापटक के कारण राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ता है।

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