
दो प्रदेशों और देशभर के कई लोकसभा और विधानसभा सीटो पर उपचुनाव होने के बाद अब कर्नाटक में विधानसभा उपचुनाव होना है। कर्नाटक में 17 विधानसभा सभा सीट रिक्त है जिसमें से 15 विधानसभा विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है जिसके लिए कांग्रेस , बीजेपी और जनता दल सेकुलर सहित सभी ने तैयारी शुरू कर दिया है।
उपचुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने 15 में से 8 प्रत्याशियों के नामों की लिस्ट गुरुवार को जारी कर दी। इसमें येल्लापुर, हिरेकेरूर, रानीबेन्नूर, चिकबल्लापुर, केआर पूरा, महालक्ष्मी लेआउट, होसाकोटे और हुंसुर से पार्टी उम्मीदवारों के नामों को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंजूरी दी है।
कांग्रेस की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, भीमन्ना नाइक को येल्लापुर से, बीएच बन्नीकोड को हीरेकेरूर से, केबी कोलवाड़ को रानीबेन्नूर से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा चिकबल्लापुर से एम. अंजनप्पा, केआर पुरा से एम नारायणस्वामी, महालक्ष्मी लेआउट से एम शिवराज, होसाकोटे से पद्मावती सुरेश और हुंसुर से एचपी मंजुनाथ को कांग्रेस पार्टी से टिकट दिया गया है
कर्नाटक विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर द्वारा दलबदल कानून के तहत कांग्रेस एवं जेडीएस के 17 विधायकों को सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के बाद उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी है। बाद में, इन विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की जिस पर न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। चुनाव आयोग ने 17 सीटों में सिर्फ 15 पर उपचुनाव कराने की घोषणा की है। आयोग ने मास्की और राजराजेश्वरी सीटों के लिए चुनाव की घोषणा नहीं की है क्योंकि यहां साल 2018 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी कुछ याचिकाएं हाई कोर्ट में लंबित हैं।
कर्नाटक में जिस तरह से नाटकीय घटनाक्रम के बाद कुमारास्वामी की सरकार गिरी और येदुरप्पा सरकार ने शपथ लिया उसके बाद हो रहे इस विधानसभा उपचुनाव से कर्नाटक सरकार के भविष्य भी तय होगा और ये चुनावी नतीजे यह भी तय करेंगे कि कर्नाटक में किस दल की सरकार आगे बनी रहेगी। इस चुनाव से ही तय होगा कि येद्दयुरप्पा अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या फिर एक बार अपना कार्यकाल पूरा करने में असफल रहेंगे।

































































