महाराष्ट्र में सरकार बनना तय , तीनो दलों में बन चुकी है आम सहमति

महाराष्ट्र में भले ही राष्ट्रपति शासन लग गया हो मगर सरकार बनाने की कवायद अभी खत्म नही हुई है। शिवसेना , NCP और कांग्रेस जिस तरह से सरकार बनाने को लेकर दिलचस्पी दिखा रही है और हर मुद्दे पर मंथन कर रही है उससे स्पष्ट लग रहा है कि राज्य में जल्द ही सरकार बन जाएगा।

विभिन्न मुद्दों पर बिंदुवार मंथन के बाद सरकार बनाने के लिए शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच करीब करीब सहमति बन गई है। सरकार गठन के फार्मूले पर तीनों दल सहमत हैं। तीनों दल एक दो दिन में राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार , विपरीत विचारधारा वाले शिवसेना से गठबंधन से पूर्व कांग्रेस सभी अहम मुद्दों पर आम सहमति बनाना चाहती थी। मसलन गठबंधन के बाद राज्यसभा चुनाव, विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारी कैसे तय होगी? शिवसेना-भाजपा की अगुवाई वाले बीएमसी में क्या होगा?

भविष्य में सावरकर को भारत रत्न दिए जाने पर शिवसेना का क्या रुख होगा? मोर्चे पर डटे अहमद पटेल ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से सीधी बात कर कई मुद्दों का हल निकाल लिया है।

इसके अलावा सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर भी सहमति बन गई है।अंतिम दौर की बातचीत में सभी मुद्दों पर सहमति के बाद तीनों दलों की योजना जल्द से जल्द सरकार बनाने का दावा पेश करने की है।
सरकार गठन के फार्मूले पर पहले ही सहमति राज्यसभा, विधान परिषद चुनाव, बीएमसी जैसे मुद्दों को सुलझाने से पूर्व ही तीनों दल सरकार गठन के फार्मूले पर पहले ही सहमत हो गए हैं। इस फार्मूले के तहत सीएम का पद ढाई-ढाई साल के लिए शिवसेना और एनसीपी को मिलेगा। इसके बदले कांग्रेस को पूरे कार्यकाल के लिए डिप्टी सीएम का पद मिलेगा। कुल 42 मंत्री बनाए जाने और इन पदों को तीन बराबर हिस्सों में बांटने पर सहमति है। हालांकि गृह, वित्त, कृषि जैसे मंत्रालयों पर फैसला अंतिम दौर की बैठक में होगा।

हालांकि महाराष्ट्र में छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगा है, मगर इस बीच अगर राज्यपाल के समक्ष बहुमत के लिए जरूरी संख्या बल का दावा करता है तो राज्यपाल सरकार बनाने का अवसर दे सकते हैं।

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बावजूद सरकार बनाने की कोशिशें जारी हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से एक होटल में करीब एक घंटे तक मुलाकात की। इसके बाद उद्धव ने कहा, सरकार गठन को लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और सही समय आने पर फैसला लिया जाएगा।

हालांकि महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने इसे ‘शिष्टाचार मुलाकात’ बताते हुए इसे सकारात्मक कदम करार दिया। कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, मानिक राव ठाकरे भी बैठक में शामिल हुए। इससे पहले, बुधवार को एनसीपी ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय करने को लेकर पांच सदस्यीय समिति बनाई है।

कांग्रेस ने भी अपने सारे बातों पर सहमति बनाने और आगे किसी तरह की समस्या ना होने के लिए सारी बातों पर स्पष्ट कर लिया है। कांग्रेस अन्य सभी मुद्दो पर अपने विधायको के बातों से एनसीपी और शिवसेना को अवगत करवा चुकी है।

उम्मीद है कि इसी माह में सरकार गठन की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और राज्यपाल के पास दावा प्रस्तुत कर दिया जाएगा।

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