
देश मे अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती के बीच अब सरकार के संस्था के अधिकारी भी चिंता व्यक्त कर रहे हैं जिस कारण केंद्र सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
जिस तरह से देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती आई है उससे ना सिर्फ अर्थशास्त्री बल्कि व्यपारी और उद्योगपति वर्ग भी परेशान है। जिस कारण विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है।
इसी को लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब सरकार के आर्थिक सलाहकारों ने मान लिया है कि भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद गंभीर है।
राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “सरकार के खुद के आर्थिक सलाहकारों ने आखिरकार स्वीकार किया कि हमने लंबे समय तक क्या सावधानी बरती है। भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद गंभीर है। अब हमारे सुझावों को मानें और जो जरूरतमंद हैं उनके हाथ में पैसा दिया जाए, लालची लोगों को नहीं ताकि देश की आर्थिक हालत सुधर सके।”
दरअसल, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने नकदी की कमी, आर्थिक क्षेत्र में सुस्ती और अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। राजीव कुमार ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में निवेश में कमी हो रही है, पूरा फाइनेंशियल सिस्टम जोखिम में है, सरकार ‘अभूतपूर्व समस्या’ का सामना कर रही है।
देश की अर्थव्यवस्था का ये हाल निश्चित तौर पर देश के लिए चिंता का विषय है अब देखना है सरकार इस संकट से देश को कैसे उबारती है।

































































