
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की खबरों को भ्रामक और गलत बताया है। लोकसभा चुनावों में हार की जिम्मेदारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनके और पार्टी के बीच का मामला है। हार के मसले पर कांग्रेस कार्यसमिति में समीक्षा होगी।
इससे पहले इस तरह की खबरें चल रही थीं कि लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने जिम्मेदारी लेते हुए यूपीए की चैयरपर्सन सोनिया गांधी के सामने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की है। इस खबर को भ्रामक और गलत बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह पार्टी और उनके बीच का मामला है और कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाकर हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी।
इससे पहले राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी और भाजपा को बधाई देते हुए कहा, ‘मैंने पहले ही बोला था कि जनता मालिक है।आज जनता ने अपना फैसला दे दिया है। मैं पीएम मोदी और भाजपा को बधाई देता हूं। हमारे जो उम्मीदवार लड़े, उनका धन्यवाद करता हूं। हमारी लड़ाई विचारधारा की लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि हमें मानना पड़ेगा कि इस चुनाव में मोदी जीते हैं। आज फैसले का दिन है। मैं इस फैसले को कोई रंग नहीं देना चाहता। आज कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं इसके पीछे क्या वजह मानता हूं। फैसला है कि मोदी देश के पीएम होंगे। मैं दिल से लड़ने वाले अपने कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं। हमारे कार्यकर्ता घबराएं नहीं। बहुत से लोग हैं जो कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास करते हैं।’
































































