
झारखंड विधानसभा चुनाव का नतीजा जहां भारतीय जनता पार्टी के लिए एक झटका है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के लिए एक बढ़ा टॉनिक के जैसा है। इस जीत के जरिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अब उत्साह और जोश के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ मुकाबला करेंगे.
जब कोई चुनाव संपन्न होता है तब चुनाव प्रचार में आए बड़े नेताओं के बातों और जन सभाओं के जरिए जीत दिलाने का स्ट्राइक रेट पर जरूर चर्चा होता है।
ऐसे में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के गृहमंत्री भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के बयानों को लेकर भी खूब चर्चा हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का देश में बढ़ते बलात्कार के घटना पर रेप इन इंडिया वाला बयान तो न सिर्फ झारखंड में बल्कि पूरे देश भर में काफी चर्चा का विषय रहा। इस पर भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें घेरने की कोशिश की मगर उल्टे भारतीय जनता पार्टी को मुंह की खानी पड़ी और राहुल के इस बयान पर जनता का भी काफी समर्थन उन्हें हासिल हुआ।
दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कपड़े से लोगों की पहचान वाला बयान भी सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल पर काफी चर्चा का विषय बना रहा। इस पर उनकी आलोचना भी काफी हुई और लोगों ने इसे संकुचित मानसिकता भी कहा।
वही अमित शाह का मंदिर बनाने का बयान और नागरिकता कानून पर दिया गया बयान काफी चर्चा में रहा इस पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया भी सामने आई जबकि बीजेपी के फायरब्रांड नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विवादित बयान अंसारी को जीताओगे तो कैसे मंदिर बनेगा भी सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल पर चर्चा का विषय बना रहा।
अब बात करते हैं अपने जनसभाओं से चुनाव जिताने की
सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभाओं की बात करें तो नरेंद्र मोदी ने झारखंड विधानसभा चुनाव में कुल 9 जनसभा किया जिन 9 विधानसभा सीटों पर उन्होंने प्रचार किया उसमें से भारतीय जनता पार्टी को महज 4 सीटों पर ही जीत मिली जबकि 5 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की हार हुई।
वहीं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री अमित शाह ने 11 विधानसभा सीटों पर जाकर जनसभा किया जिसमें से महज 2 सीटों पर ही भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली और 9 सीटों पर भाजपा की करारी शिकस्त हो गई।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव में पांच जनसभा किया जिसमें 5 विधानसभा में से 4 सीटों पर उनकी पार्टी को जीत मिली जबकि एक सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
राहुल गांधी विदेश दौरे पर जाने के कारण इस बार विधानसभा चुनाव में कम ही जनसभा कर पाए मगर जनसभा के जरिए उन्होंने 5 में से 4 सीट कांग्रेस और उनके सहयोगियों के झोले में डाला जिससे यह तो स्पष्ट है कि अगर राहुल अधिक जनसभा करते तो पार्टी की स्थिति और अच्छी होती वहीं प्रियंका द्वारा किए गए एक जनसभा में भी कांग्रेस को जीत मिली।
































































