रीवा। बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में सरकार की जवाबदेही तय करने और स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग को लेकर रीवा में चल रहा अनिश्चितकालीन न्याय सत्याग्रह पांचवें दिन समाप्त हो गया। पांचवें दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी धरना स्थल पहुंचे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया को धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन और अश्रुगैस का इस्तेमाल किया गया।
‘एमपी में बीजेपी नहीं, तालिबान का राज’- भूरिया
कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि “मध्य प्रदेश में अब भाजपा का नहीं, तालिबान का राज चल रहा है।” कांग्रेस ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता।
डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि न्याय सत्याग्रह का यह अंत नहीं है और आंदोलन को अगले चरण में भोपाल ले जाया जाएगा।
भूरिया ने कहा कि “राजेंद्र शुक्ला, कान खोलकर सुन लो, हम आपकी पुलिस से डरने वाले नहीं हैं। जब तक आदिवासी बच्चों को न्याय नहीं मिलता, यह संघर्ष जारी रहेगा।”
उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल करते हुए कहा कि जब प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो ऐसे व्यक्ति को स्वास्थ्य मंत्री क्यों बनाए रखा गया है। कांग्रेस ने राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग दोहराई।
भोपाल घेराव का ऐलान
डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि आंदोलन का अगला चरण भोपाल में होगा। कांग्रेस मुख्यमंत्री मोहन यादव का घेराव कर स्वास्थ्य व्यवस्था और बालाघाट में हुई मौतों को लेकर जवाब मांगेगी।
जीतू पटवारी ने भी मांगा स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलना उसका मौलिक अधिकार है, लेकिन प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं।
पटवारी ने राजेंद्र शुक्ला से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव से कहा कि अगर स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें बर्खास्त किया जाए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो यह मुद्दा आने वाले विधानसभा चुनाव में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।