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जिलाध्यक्षों की नियुक्ति मे छुपा है बड़ा संदेश, संगठन की दिशा-दशा बदलने को तैयार कांग्रेस!

अब देश ने नेत्रत्व कर रहे नेताओं को पहले अपनी ज़मीन को मजबूत करना होगा।

दिल्ली। बीते दिन कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के द्वारा बिहार प्रदेश कांग्रेस के अंतर्गत जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की सूची जारी की गयी है। पिछले साल बिहार मे विधानसभा चुनाव हुए जिसमे महागठबंधन का प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा। जहां एक तरफ RJD और कांग्रेस चुनाव मे जीत का अनुमान लगा रहीं थीं और परिणाम उसके एक दम विपरीत आए जिसमे महागठबंधन पूरी तरफ ध्वस्त हो गया। चुनाव के दौरान भी लगातार केंद्र से प्रभारी के रूप मे भेजे गए कृष्णा अल्लवरू और प्रदेश इकाई के बीच तालमेल कमजोर दिखाई दिया तो वहीं दूसरी ओर पार्टी का एक धड़ा चाहता था की पार्टी अब स्वयं को मजबूत करने और अकेले चुनाव मे जाने के लिए अपनी कार्यप्रणाली मे बदलाव लाये। कांग्रेस ने बीते दिन जिला अध्यक्षों की सूची जारी की है जिसमे कुछ नाम एक संदेश को स्पष्ट कर रहे हैं कि कांग्रेस अब बिहार मे अपने कैडर को मजबूत करने के लिए कमर कस चुकी है। सूची मे AICC के सचिव और खगरिया से प्रत्याशी रहे चन्दन यादव को जिले का कप्तान बनाया गया है तो वहीं प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और बछवाड़ा से प्रत्याशी रहे शिव प्रकाश गरीब दास को भी बेगुसराई जिले का अध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों को देखकर संकेत साफ नज़र आते हैं कि कांग्रेस अब बिहार मे जमीनी संघर्ष के लिए कमर कस रही है। अगर लोकसभा के नतीजों से जोड़कर बात की जाये तो यदि INDIA गठबंधन का परिणाम बिहार और मध्यप्रदेश मे बहतर होता तो शायद देश की सत्ता का चेहरा आज INDIA गठबंधन ही होता।

समूचे देश के सोशल मीडिया इंफ्लुएंकर इन बातों को समय-समय पर उठाते रहे हैं कि उत्तरप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से नेताओं को AICC द्वारा अन्य राज्यों के प्रभारी के रूप मे जवाबदारी दी जाती रही है। जबकि इनके स्वयं के राज्यों मे कांग्रेस सत्ता का सूखा झेल रही है वहाँ इन नेताओं कि क्षमताओं का प्रयोग क्यूँ नहीं किया जाता। शायद इस बार नेत्रत्व ने ऐसा ही कुछ करने का प्रयास किया है। खैर अभी इस प्रयोग कि शुरुआत हुई है आगे देखना दिलचस्प होगा कि इसके परिणाम कितने सकारात्मक आते हैं।

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