UCC पर एमपी में सियासी घमासान: जीतू पटवारी का सीधा सवाल- ‘क्या आदिवासियों की परंपराओं को खत्म करना चाहती है सरकार?’

भोपाल। मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर जैसे ही कमेटी की बैठक हुई, राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या विकास की आड़ में आदिवासियों के अधिकारों की बलि चढ़ाने की तैयारी चल रही है?
‘गुजरात-असम अलग हैं, एमपी के पास है 1.60 करोड़ आदिवासियों की विरासत’
जीतू पटवारी ने सरकार को जमीनी हकीकत का आईना दिखाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की सामाजिक ताना-बाना बाकी राज्यों जैसा नहीं है। यहाँ फैसले बंद कमरों में बिना सोचे-समझे नहीं थोपे जा सकते।
कांग्रेस का स्टैंड हमेशा से साफ रहा है कि यह केंद्र से जुड़ा मसला है। लेकिन जब बात मध्य प्रदेश की आती है, तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यहाँ 1 करोड़ 60 लाख से ज्यादा आदिवासी और मूल निवासी रहते हैं। उनकी अपनी सदियों पुरानी संस्कृति है, अपनी अनूठी परंपराएं हैं। सरकार बताए कि क्या UCC के नाम पर आदिवासियों के इन खास अधिकारों और पहचान के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा रहा?”
पटवारी ने आगे पूछा कि जिन राज्यों में UCC को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की गईं, क्या वहां के नफा-नुकसान का कोई ग्राउंड असेसमेंट हुआ है? क्या सरकार के पास ऐसी कोई रिपोर्ट है जो यह साबित करे कि इससे जमीन पर कोई सुधार हुआ है?
जनता महंगाई से त्रस्त और सरकार ‘जीरो बटे सन्नाटा’
UCC के बहाने पीसीसी चीफ ने देश के आर्थिक हालात और आम आदमी की जेब पर पड़ रही मार को लेकर भी भाजपा को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि आज सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि आज सरकार का पूरा जोर इस बात पर होना चाहिए कि लोगों के रोजगार कैसे बचें और उनकी इनकम कैसे बढ़े। लेकिन इस असल मोर्चे पर सरकार का परफॉर्मेंस ‘जीरो बटे सन्नाटा’ है।
पूरा देश इस समय बेकाबू महंगाई से त्राहि-त्राहि कर रहा है, लेकिन सरकार का ध्यान सिर्फ बुनियादी मुद्दों से जनता को भटकाने पर लगा है। पटवारी ने सरकार की नीति और नीयत दोनों को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि चुनावी रैलियों में घुसपैठ की बात करने वाली भाजपा यह क्यों नहीं बताती कि पिछले 12 सालों में आखिर कितने घुसपैठियों को देश से बाहर खदेड़ा गया है? सरकार इसका आंकड़ा देश के सामने रखे।
इस पूरे मामले के पटवारी ने सरकार से पूछे 4 सवाल –
1. क्या UCC लागू होने से मध्य प्रदेश के विशाल आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक स्वायत्तता खतरे में पड़ जाएगी?
2. क्या सरकार बिना किसी ठोस स्टडी या दूसरे राज्यों की समीक्षा रिपोर्ट के ही एमपी में यूसीसी को आगे बढ़ा रही है?
3. जब आम जनता महंगाई और घटती कमाई से जूझ रही है, तब सरकार इन मुद्दों पर चुप क्यों है?
4. क्या सरकार के पास पिछले 12 सालों में देश से बाहर निकाले गए घुसपैठियों का कोई वास्तविक रिकॉर्ड है?

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