इंदौर। मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में एक आदिवासी विधवा महिला के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म और बर्बरता की घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। झाबुआ विधायक और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने इंदौर के एमटीएच अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का हाल जाना। भूरिया ने पीड़िता के परिजनों और डॉक्टरों से मुलाकात के बाद प्रदेश की मोहन यादव सरकार को आड़े हाथों लिया और राज्य को अपराधियों का ‘सुरक्षित ठिकाना’ करार दिया।
पीड़िता की हालत गंभीर, डॉक्टरों ने की इमरजेंसी सर्जरी
अस्पताल के डॉक्टरों से जानकारी लेने के बाद विक्रांत भूरिया ने बताया कि पीड़िता को अत्यंत नाजुक हालत में अस्पताल लाया गया था। उसके शरीर और गुप्त अंगों पर गंभीर आंतरिक चोटें थीं, जिसके कारण डॉक्टरों को तत्काल उसकी मेजर सर्जरी करनी पड़ी। फिलहाल महिला डॉक्टरों की देखरेख में है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
“जब गृह मंत्री ही नाकाम हों, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना लाजिमी है”
अस्पताल परिसर में मीडिया से बात करते हुए विक्रांत भूरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, यह सिर्फ एक महिला पर अत्याचार नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की अस्मिता को कुचलने की कोशिश है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास ही गृह विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन वे प्रदेश की जनता को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रहे हैं। एनसीआरबी के आंकड़े साफ बताते हैं कि मध्य प्रदेश दलितों और आदिवासियों के लिए देश का सबसे असुरक्षित राज्य बनता जा रहा है। भूरिया ने खंडवा की हालिया आपराधिक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन में स्टाफ और संसाधनों की भारी कमी है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
कांग्रेस ने उठाई SIT जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग
विपक्षी दल ने सरकार के सामने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रमुख शर्तें रखी हैं।
उच्च स्तरीय जांच: इस पूरे अमानवीय कृत्य की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया जाए।
त्वरित न्याय: आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाई जाए, ताकि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
मदद और पुनर्वास: पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से पर्याप्त आर्थिक सहायता, पुख्ता सुरक्षा और पुनर्वास की सुविधा दी जाए।
पुलिस भर्ती: आदिवासी और संवेदनशील अंचलों में खाली पड़े पुलिस के पदों पर तुरंत नियुक्तियां की जाएं।
विधानसभा घेराव की तैयारी, पटवारी ने बनाई जांच कमेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 5 सदस्यीय एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में पूर्व मंत्री बाला बच्चन, डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, विधायक सेना पटेल और खुद विक्रांत भूरिया शामिल हैं। यह कमेटी घटनास्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। विक्रांत भूरिया ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में इस वीभत्स घटना और आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों के मुद्दे पर सरकार को सदन के भीतर घेरा जाएगा। इस दौरान अस्पताल में कांग्रेस संगठन प्रभारी अमन बजाज, प्रवक्ता अमित चौरसिया, ब्लॉक अध्यक्ष निलेश सेलू सेन सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे।




























































