भोपाल। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। देशभर में नेता, मंत्री, जनप्रतिनिधि और आमजन बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश में इस अवसर पर सियासत भी तेज हो गई है।
मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर बाबा साहब के अपमान का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और नेहरू परिवार ने हमेशा डॉ. अंबेडकर का अपमान किया। सारंग के अनुसार, इतिहास गवाह है कि उन्हें चुनाव हराने और लोकसभा पहुंचने से रोकने के लिए राजनीतिक षड्यंत्र रचे गए।
इसके जवाब में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि बाबा साहब को संविधान निर्माण की ऐतिहासिक जिम्मेदारी कांग्रेस नेतृत्व ने ही सौंपी थी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, नेहरू, सरदार पटेल और मौलाना आज़ाद जैसे नेताओं के विश्वास के चलते ही देश को संविधान मिला, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
शर्मा ने भाजपा और आरएसएस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा साहब को चुनाव में हराने के लिए उस दौर में हिंदू महासभा और आरएसएस सक्रिय थे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संविधान बदलने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस मजबूती से जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि आज देश में गरीब से गरीब व्यक्ति को शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और आगे बढ़ने का जो अधिकार मिला है, वह बाबा साहब अंबेडकर के संविधान की देन है। यही वजह है कि उनकी जयंती पर देर रात तक हजारों लोगों की भीड़ श्रद्धांजलि देने उमड़ी।
मध्य प्रदेश में अंबेडकर जयंती के मौके पर यह बयानबाजी अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में सियासत और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
































































