भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। दतिया से पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने अपनी विधायकी खत्म होने के बाद भाजपा और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।

भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राजेंद्र भारती ने दावा किया कि उनकी सदस्यता खत्म होना कोई सामान्य कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए भारी रकम और पद का लालच दिया गया था।

भारती के मुताबिक, एक केंद्रीय मंत्री के ओएसडी के जरिए उनसे संपर्क किया गया और भाजपा में आने के बदले करोड़ों रुपये का ऑफर दिया गया। उनका कहना है कि केस वापस लेने, राजनीतिक दबाव बनाने और भविष्य के चुनावी समीकरण साधने के लिए यह पूरा खेल रचा गया।

इस पूरे मामले ने इसलिए भी राजनीतिक रंग पकड़ लिया है क्योंकि राजेंद्र भारती वही नेता हैं जिन्होंने 2023 विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को दतिया सीट से हराया था। अब उनकी सदस्यता रद्द होने के बाद उपचुनाव की संभावनाओं ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

दूसरी तरफ भाजपा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह न्यायालय का फैसला है और इसे राजनीतिक साजिश बताना सिर्फ सहानुभूति बटोरने की कोशिश है। फिलहाल सबकी नजर अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है, क्योंकि वहीं से तय होगा कि यह मामला सिर्फ कानूनी है या इसके पीछे सच में कोई बड़ा राजनीतिक खेल चल रहा है।

दतिया से लेकर भोपाल और दिल्ली तक, इस घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।

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