भोपाल। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा नामांकन को वैध घोषित किए जाने के बाद मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने पुरी के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज करते हुए नामांकन को वैध करार दिया है। अब इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने कानूनी लड़ाई लड़ने के संकेत दिए हैं।
उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे अन्यायपूर्ण और संविधान के खिलाफ बताया है। कटारे का आरोप है कि कांग्रेस ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन में नियमों और दस्तावेजों से जुड़ी कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उन पर विचार किए बिना आपत्तियों को खारिज कर दिया।
कटारे ने नामांकन प्रक्रिया में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस आधार पर निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन निरस्त किया गया, उसी तरह की त्रुटियां हरदीप सिंह पुरी के नामांकन में भी मौजूद थीं। इसके बावजूद पुरी का नामांकन वैध घोषित कर दिया गया।
अब कोर्ट में कानूनी लड़ाई की तैयारी
हेमंत कटारे ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले में अपनी लीगल टीम से चर्चा करेगी। कानूनी सलाह लेने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ शिकायत करने की भी बात कही गई है।
इस फैसले के बाद राज्यसभा उपचुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं। अब सबकी नजर कांग्रेस की अगली कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।























